परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से करवाकर पात्र परिवारों को लाभ दें : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) के कार्यों की समीक्षा की
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2026-05-19 23:17:45

हरियाणा / भव्य खबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) परिवार पहचान पत्रों में नागरिकों की आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में क्रिड और ‘सेवा’ विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने परिवार पहचान पत्र प्रणाली, आय सत्यापन में आ रही समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में क्रिड के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने जानकारी दी कि कई परिवारों की आय का सत्यापन न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए इंकम वेरिफिकेशन कमेटी कार्य कर रही है, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी टीम लीडर, एक लोकल ऑपरेटर और एक वॉलंटियर शामिल हैं, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों में आय को लेकर अंतर आने से अंतिम निर्णय में कठिनाई हो रही है।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर से प्राप्त आय के आंकड़ों को संबंधित गांव की ग्राम सभा की बैठक में प्रस्तुत किया जाए और ग्राम सभा द्वारा तय किया गया निर्णय ही अंतिम माना जाए। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान आसान होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि लंबित आय सत्यापन मामलों को अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से सत्यापित कराया जाए और सभी पेंडेंसी को एक माह के भीतर समाप्त किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां आवश्यक हो, आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु के आधार पर भी सत्यापन प्रक्रिया में मदद ली जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि से होने वाली 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी परिवार को उन योजनाओं से वंचित न किया जाए, जिनके लिए अधिकतम 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय की सीमा निर्धारित है।

बैठक में दयालु योजना के तहत आधार लिंक से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सेवा विभाग और क्रिड को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

क्रिड की कार्यप्रणाली पर चर्चा के दौरान बताया गया कि हरियाणा में परिवार पहचान पत्र प्रणाली के तहत अब तक 77 लाख से अधिक परिवारों और लगभग 2.98 करोड़ नागरिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 50 से अधिक विभागों को एकीकृत किया गया है और 400 से अधिक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि जल्द ही पीपीपी 2.0 नामक नया डेटा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा और नागरिकों को पीपीपी स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

बैठक में सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, क्रिड के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन, मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया तथा स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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