2026-05-19 23:01:43
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियों के सम्मानजनक संग्रह और पर्यावरण अनुकूल रीसाइक्लिंग के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। दिल्ली सरकार अब शहर में विशेष ‘कलेक्शन सेंटर’ स्थापित करेगी, जहां लोग पुरानी और खंडित मूर्तियों को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान को पूरी तरह जनभागीदारी आधारित बनाने की बात कहते हुए दिल्लीवासियों से सुझाव भी मांगे हैं। सरकार का उद्देश्य धार्मिक आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोग वर्षों तक जिन मूर्तियों को श्रद्धा और आस्था के साथ अपने घरों में पूजते हैं, उनके खंडित हो जाने के बाद अक्सर उन्हें पीपल के पेड़ों के नीचे, पार्कों, नदी किनारों या सड़कों पर छोड़ देते हैं। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि पर्यावरण और सफाई व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसे समर्पित कलेक्शन सेंटर विकसित करेगी, जहां नागरिक अपनी खंडित मूर्तियों को गरिमा और सम्मान के साथ जमा कर सकेंगे। इसके बाद इन मूर्तियों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से रीसायकल कर उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बनाया जाए। उन्होंने इसे केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनाने की बात कही।
रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली सरकार विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है और नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इसके तहत लोगों से पूछा गया है कि कलेक्शन सेंटर किन स्थानों पर बनाए जाएं, जैसे कॉलोनियों, बाजारों या वार्ड स्तर पर। साथ ही व्यवस्था को और अधिक गरिमापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए भी सुझाव मांगे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक अच्छे विचार को जब जनता का साथ मिलता है, तो वह आंदोलन बन जाता है। हमारी आस्था का सम्मान और दिल्ली की सफाई, दोनों हमारी जिम्मेदारी हैं।” उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सुझाव साझा करने की अपील की।
सरकार का मानना है कि लोगों की भागीदारी और सुझावों के आधार पर एक व्यापक और प्रभावी योजना तैयार की जाएगी, जो भविष्य में राजधानी में स्वच्छता और धार्मिक सम्मान दोनों की नई मिसाल बनेगी।