2026-05-19 22:56:53
नई दिल्ली / भव्य खबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “म्हारी सड़क एप” पर आने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित जनपरिवाद बैठकों और उपायुक्तों की मासिक समीक्षा बैठकों में एप पर दर्ज कम से कम एक बड़ी शिकायत की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री मंगलवार को सचिवालय में “म्हारी सड़क एप” से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एप के दूसरे संस्करण की प्रगति, शिकायतों के निस्तारण और सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एप का सेकेंड वर्जन दिसंबर 2025 में शुरू किया गया था और अब तक प्रदेश की 1 लाख 43 हजार से अधिक सड़कों की मैपिंग की जा चुकी है, जिनकी कुल लंबाई करीब 63 हजार किलोमीटर है।
बैठक में जानकारी दी गई कि एप के माध्यम से अब तक 31 हजार 939 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सड़कों की जियो-टैगिंग का कार्य तेजी और सटीकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर एप डाउनलोड की स्थिति की भी जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “म्हारी सड़क एप” के बारे में आमजन को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े टैक्सी चालकों को भी एप के लाभ बताए जाएं। साथ ही आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल फोन में भी यह एप डाउनलोड करवाया जाए, ताकि सड़क संबंधी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंच सकें।
लापरवाह एजेंसियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सड़क संबंधी शिकायतों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के दौरान कोई ठेकेदार सड़क की मरम्मत नहीं करता है तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाए। यदि किसी फर्म पर तीन बार ऐसी कार्रवाई होती है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए।
बैठक में भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की कुछ शिकायतों का उल्लेख किया गया, जिन्हें विभागों द्वारा बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर किया जा रहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि “म्हारी सड़क एप” पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में शॉर्ट-टाइम टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि बिड सबमिशन के 10 दिनों के भीतर कार्यवाही शुरू हो सके और लोगों को जल्द बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने हरियाणा के अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों पर भी फोकस करने को कहा।
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने पुलों और दीवारों पर पेंटिंग और सौंदर्यीकरण कार्य कराने के भी निर्देश दिए, ताकि सड़क अवसंरचना अधिक आकर्षक दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का नियमित निरीक्षण करें और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करें। साथ ही नई सड़कों के निर्माण से जुड़ी सभी कागजी प्रक्रियाएं जनवरी से जुलाई के बीच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के मौसम में कार्य प्रभावित न हो।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, विजेंद्र कुमार, जे गणेशन, चंद्रशेखर खरे, अमित खत्री और हरसैक के निदेशक डॉ. सुल्तान सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।