2026-05-14 00:23:02
हरियाणा / भव्य खबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने की अपील के बाद हरियाणा सरकार ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने और सीमित संसाधनों के उपयोग का निर्णय लेकर इस अभियान को नई गति दी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हरियाणा सरकार राष्ट्रहित में ईंधन बचत और संसाधनों के उचित उपयोग के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में उन्होंने अपने फ्लीट में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का फैसला लिया है। अगले आदेश तक उनके कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से केवल आवश्यक वाहन ही शामिल होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक दिन बिना किसी वाहन के कार्य करने का भी संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के सभी मंत्रीगण और विभागीय अधिकारी भी यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से अधिकतम बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से करने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा या भौतिक बैठकों में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन, जैसे मेट्रो और अन्य साधनों का उपयोग करें तथा ईंधन बचत के इस अभियान में सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से राष्ट्रहित में संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने लोगों से कम से कम एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने के आभूषणों की खरीद से बचने, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का अत्यंत सावधानी से उपयोग करने तथा कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो का अधिक इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने व्यवसायों और संस्थानों से वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों को फिर से बढ़ावा देने की बात कही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो और ईंधन की बचत हो सके। साथ ही उन्होंने एक वर्ष तक अनावश्यक विदेशी यात्राओं और डेस्टिनेशन वेडिंग्स से बचने, आयातित खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने तथा किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता 50 प्रतिशत तक घटाकर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ‘स्वदेशी’ उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों से खर्चों में सावधानी बरतने, ईंधन बचाने और अनावश्यक खर्चों से बचने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री की इस अपील का असर अब देशभर में दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ईंधन बचत अभियान के समर्थन में अपने आधिकारिक काफिले का आकार आधा करने का निर्णय लिया है। वहीं केंद्रीय मंत्री जीतेन्द्र सिंह ने भी बिना एस्कॉर्ट और पायलट वाहन के अकेले यात्रा कर इस पहल का समर्थन किया।
कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी इसी तरह के कदम उठा रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार संसाधनों के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।