2026-05-14 15:24:50
नई दिल्ली/ भव्य खबर। दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक खड़ी निजी स्लीपर बस के अंदर 30 वर्षीय महिला से सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) करने के आरोप में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया है।
घटना का विवरण
रास्ता रोका: पीड़िता मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है और 3 बच्चों की मां है। वह देर रात काम खत्म करके पैदल अपने घर लौट रही थी।
मदद मांगना पड़ा भारी: सरस्वती विहार बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास खड़ी एक स्लीपर बस को देखकर महिला ने ड्राइवर से सिर्फ समय पूछा था।
जबरन अपहरण: समय बताने के बहाने बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया।
चलती बस में दरिंदगी: आरोपी महिला को बंधक बनाकर बस को नांगलोई की तरफ ले गए। लगभग 7 किलोमीटर के सफर के दौरान दोनों ने महिला के साथ गैंगरेप किया और बाद में उसे सड़क पर फेंक कर फरार हो गए।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं
मामले में दोनों आरोपियों (ड्राइवर और कंडक्टर) को गिरफ्तार किया गया है. घटना में इस्तेमाल बस को जब्त कर लिया गया है और मेडिकल जांच के बाद FIR दर्ज की गई है. पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है.
बीएनएस के तहत केस: रानी बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और साझा इरादे का मामला दर्ज किया गया है
नियमों का उल्लंघन: जांच में पाया गया कि इस प्राइवेट टूरिस्ट बस में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई थीं, बस के शीशे पूरी तरह काले थे और उसमें कोई इमरजेंसी गेट भी नहीं था।
राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश
इस भयानक वारदात ने साल 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह सिस्टम की नाकामी है और यह दिखाता है कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब तक जरूरी सबक नहीं सीखे गए हैं।