2026-05-14 00:58:18
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग नीति को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इस नीति का उद्देश्य राजधानी में माल ढुलाई और आपूर्ति प्रणाली को अधिक कुशल, तेज और कम लागत वाला बनाते हुए व्यापार को आसान बनाना है। सरकार का मानना है कि यह पहल दिल्ली को एक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और संगठित लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति का मुख्य लक्ष्य शहर में माल परिवहन से होने वाली भीड़भाड़ को कम करना, प्रदूषण घटाना और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इसके तहत शहर के बाहर परिधीय क्षेत्रों में शहरी समेकन एवं लॉजिस्टिक्स वितरण केंद्र (यूसीएलडीसी) विकसित किए जाएंगे, जहां माल को एकत्र कर आवश्यकता के अनुसार शहर में भेजा जाएगा। साथ ही बाजार स्तर पर सूक्ष्म पूर्ति केंद्र और गोदाम विकसित किए जाएंगे ताकि अंतिम चरण तक डिलीवरी अधिक तेज और सुचारू हो सके।
नीति के तहत अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) के आधुनिकीकरण के साथ लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, ट्रक टर्मिनल और पार्किंग हब विकसित करने की भी योजना है। इसके अलावा मंडियों के पास कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे ताकि कृषि उत्पादों की भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सके और शहर में यातायात दबाव कम किया जा सके।
पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नीति में हरित लॉजिस्टिक्स को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सौर ऊर्जा आधारित वेयरहाउसिंग को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा दक्ष अवसंरचना विकसित करने पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य अंतिम चरण तक आपूर्ति को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से माल की आवाजाही की वास्तविक समय में निगरानी और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली से रूट ऑप्टिमाइजेशन, ट्रैकिंग और डिलीवरी शेड्यूलिंग को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे लागत में कमी और समय की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति से ई-कॉमर्स, वस्त्र, निर्माण सामग्री, खाद्य आपूर्ति और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में ई-कॉमर्स क्षेत्र लॉजिस्टिक्स मांग का बड़ा हिस्सा है, जिसे ध्यान में रखते हुए आधुनिक सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इससे 3पीएल (थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स) सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
रोजगार सृजन को लेकर सरकार ने कहा कि वेयरहाउसिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स पार्क और कोल्ड चेन सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके साथ ही पैकेजिंग, आईटी सेवाओं और संबंधित क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ेगा। सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने पर भी जोर दे रही है, जिसके तहत प्रति कर्मचारी प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लॉजिस्टिक्स अवसंरचना पर पूंजी सब्सिडी, ब्याज सहायता और बिजली शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं देने का प्रस्ताव है। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को आकर्षित किया जाएगा।
सरल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, जिससे सभी अनुमतियां एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को 24×7 संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘मास्टर प्लान दिल्ली 2041’ के तहत थोक बाजारों को चरणबद्ध तरीके से शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा और लॉजिस्टिक्स हब के लिए भूमि की पहचान और आवंटन तेज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति दिल्ली को एक आधुनिक, कुशल और वैश्विक मानकों के अनुरूप लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। इससे न केवल आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी बल्कि निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।