डीएनडीफरीदाबादसोहना हाईवे से बदलेगी एनसीआर की तस्वीर, नितिन गडकरी ने किया परियोजना का निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना का निरीक्षण किया।
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2026-05-19 22:34:23

नई दिल्ली / भव्य खबर । केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना का निरीक्षण किया।

इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा और कृष्ण पाल गुर्जर, दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा, हरियाणा के लोक निर्माण विभाग मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी तथा पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी भी मौजूद रहे।

भारतमाला परियोजना के तहत विकसित की जा रही this हाईवे परियोजना की कुल लंबाई करीब 59 किलोमीटर है, जबकि इसकी अनुमानित लागत 4,463 करोड़ रुपये बताई गई है। यह हाई-स्पीड छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को आपस में जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद एनसीआर में यात्रा समय कम होगा और ट्रैफिक संचालन अधिक सुगम बन सकेगा।

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्क ब्रिज है, जिसे देश की सबसे आधुनिक स्टील ब्रिज संरचनाओं में शामिल किया जा रहा है। इस पुल को आधुनिक टाइड-आर्क तकनीक और क्रॉस्ड हैंगर व्यवस्था के साथ डिजाइन किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और भूकंप के दौरान लचीलापन बढ़ेगा।

हाईवे निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसमें प्रीकास्ट सेगमेंटल कंस्ट्रक्शन, लॉन्चिंग गर्डर, हाई-स्ट्रेंथ ई450 स्टील, हाई-डैम्पिंग रबर बियरिंग और स्विवेल एक्सपेंशन जॉइंट्स जैसी उन्नत तकनीकों को शामिल किया गया है।

परियोजना को पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। ओखला और गाजीपुर लैंडफिल से बायो-माइनिंग के जरिए निकाली गई करीब दो लाख मीट्रिक टन अक्रिय सामग्री का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया है। इसके साथ ही परियोजना में नॉइज बैरियर, लैंडस्केपिंग और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जाएगा।

केंद्र सरकार के अनुसार यह परियोजना आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, टिकाऊ निर्माण तकनीक और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बड़ा उदाहरण साबित होगी। इससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और पूरे एनसीआर की परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक अलग कनेक्टिविटी परियोजना भी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते यातायात का दबाव कम करना है।

करीब 31.425 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,360 करोड़ रुपये है। यह कॉरिडोर हरियाणा के फरीदाबाद स्थित चंदावली गांव से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के दयानापुर तक बनाया जा रहा है। इसके जरिए डीएनडी-फरीदाबाद बाईपास, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ा जाएगा।

परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर भारत से आने वाला यातायात ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा, जिससे दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। वहीं दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से एयरपोर्ट तक तेज और सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस परियोजना में चार बड़े इंटरचेंज, एक रेल ओवर ब्रिज और डीएफसीसीआईएल क्रॉसिंग पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना एनसीआर में लॉजिस्टिक्स क्षमता और आर्थिक विकास को नई गति देगी।

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