2026-04-29 16:43:17
हरियाणा / भव्य खबर । हरियाणा सरकार ने राज्य के विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की, जिसमें 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप, शिक्षा, उद्योग और तकनीकी विकास जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
लक्ष्य बनाना नहीं, समय पर क्रियान्वयन जरूरी: मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कहा कि केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तय समयसीमा में पूरा करना और उनकी नियमित समीक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग वर्ष 2030 तक के लक्ष्यों को साल-दर-साल टाइमलाइन के साथ तैयार करें, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विभागों को मजबूत योजना, स्पष्ट जवाबदेही और प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ काम करना होगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
“विजन टू एक्शन AI प्लानिंग टूल” लॉन्च
बैठक के दौरान एक बड़ा कदम उठाते हुए “विजन टू एक्शन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” प्लानिंग टूल लॉन्च किया गया। स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने बताया कि यह टूल 5-वर्षीय एक्शन प्लान को डिजिटल और व्यवस्थित तरीके से लागू करने में मदद करेगा।
इस टूल की मदद से विभागों के लक्ष्य स्पष्ट होंगे, रिपोर्टिंग यूनिफॉर्म होगी और साल-दर-साल प्रगति का आसानी से मूल्यांकन किया जा सकेगा। इससे हरियाणा को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य में प्रभावी योगदान देने में मदद मिलेगी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों पर फोकस
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरियाणा विजन 2047” के तहत नई शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लक्ष्य तय किए कि—
* वर्ष 2047 तक सकल नामांकन अनुपात (GER) 50% तक पहुंचाया जाए
* हर जिले में आधुनिक “संस्कृति महाविद्यालय” स्थापित किए जाएं
* 50% कोर्स कौशल आधारित हों
* विश्वविद्यालयों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाए
इसके साथ ही उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी ढांचे जैसे पेयजल, शौचालय, लैब और अतिरिक्त कक्षों को मजबूत किया जाए और कक्षा 8 से ही कौशल विकास पर ध्यान दिया जाए।
उद्योग और स्टार्टअप सेक्टर में बड़ा विजन
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने “हरियाणा विजन 2047” के तहत औद्योगिक विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि राज्य का लक्ष्य है—
* 5,000 से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकरण
* 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना
* एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना
* लॉजिस्टिक्स और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
इसके साथ ही 30 मई 2026 तक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू करने की योजना है, जिससे उद्योगों की स्वीकृति प्रक्रिया 50% तक तेज होगी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सोलर रूफटॉप योजनाएं और PPP मॉडल के तहत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार देने के लिए 100 स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे और एमएसएमई के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस भी तैयार किया जाएगा।
निवेश और रोजगार पर जोर
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक निर्यात को दोगुना किया जाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की ब्रांडिंग मजबूत हो। इसके लिए वैश्विक निवेशक सम्मेलन, रोड शो और ब्रांडिंग अभियान चलाए जाएंगे।
बैठक में रहे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह बैठक हरियाणा के विकास रोडमैप को नई दिशा देने वाली साबित हुई। “विजन टू एक्शन AI टूल” और 5-वर्षीय कार्ययोजना के जरिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब फोकस सिर्फ योजनाओं पर नहीं, बल्कि उनके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर होगा।
शिक्षा, उद्योग और तकनीकी विकास के इन बड़े लक्ष्यों के साथ हरियाणा 2047 तक विकसित भारत के सपने में मजबूत योगदान देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।