2026-04-29 16:28:56
चंडीगढ़ / भव्य खबर । हरियाणा सरकार ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को तेज कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि संभावित बाढ़, हीटवेव और सूखे जैसी परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके और जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय करें। साथ ही जिला और राज्य स्तर पर एक समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली (Coordinated Response System) को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
राज्य आपातकालीन केंद्र 24×7 सक्रिय
पंचकूला स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Center) पहले से ही 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय है। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि मई मध्य तक विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएं और रियल-टाइम निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
इसके साथ ही संचार व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया है।
विभागों की जिम्मेदारियां तय
सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को सूखे की स्थिति से निपटने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
इन विभागों को बांधों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा से निपटने की व्यापक योजना
राज्य सरकार ने एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है, जिसमें मॉक ड्रिल, संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण, निकासी योजना और राहत सामग्री की उपलब्धता शामिल है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां जलस्तर की लगातार निगरानी और समय पर चेतावनी प्रणाली को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है।
सर्च-रेस्क्यू और राहत व्यवस्था
आपात स्थिति से निपटने के लिए सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। त्वरित प्रतिक्रिया दल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तैनाती को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थायी आश्रय स्थल, स्वच्छ पेयजल, भोजन और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और जन-जागरूकता पर फोकस
बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों और जलजनित संक्रमणों को रोकने के लिए विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
सूखे से निपटने की रणनीति
सरकार ने सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए भी अलग रणनीति तैयार की है। इसमें जल संरक्षण, तालाबों का बेहतर प्रबंधन और फसल वैकल्पिक योजनाओं को शामिल किया गया है। विभागों को वर्षा पैटर्न पर लगातार नजर रखने और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा सरकार का यह कदम मानसून से पहले आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सक्रिय योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।