2026-04-29 16:58:15
“हर काम देश के नाम” – भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल यल्ला उमेश का बीआरडी चंडीगढ़ दौरा
चंडीगढ़ स्थित बेस रिपेयर डिपो (BRD) ने एक महत्वपूर्ण अवसर पर भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारी एयर मार्शल यल्ला उमेश का स्वागत किया। एयर मार्शल ने 27 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक एयर फोर्स स्टेशन चंडीगढ़ के बेस रिपेयर डिपो का विस्तृत दौरा किया, जहां उन्होंने तकनीकी कार्यों, परियोजनाओं और उत्पादन क्षमताओं की समीक्षा की।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत
डिपो पहुंचने पर एयर मार्शल यल्ला उमेश को एयर कमोडोर निपुण गुप्ता, एयर ऑफिसर कमांडिंग, बेस रिपेयर डिपो द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया, जिससे पूरे परिसर में गौरव और अनुशासन का माहौल देखने को मिला।
तकनीकी कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा
अपने दौरे के दौरान एयर मार्शल ने बेस रिपेयर डिपो के विभिन्न डिवीजनों का निरीक्षण किया और विमान, एवियोनिक्स तथा एयरो-इंजन से जुड़े उत्पादन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
उन्हें मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर अपग्रेड और स्पाइक एनएलओएस जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया, जो देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
साथ ही, उन्हें ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत चल रहे ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) और स्वदेशीकरण परियोजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर
एयर मार्शल ने डिपो के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “रिपेयर या रिक्लेम, व्हाय रिप्लेस” की सोच भारतीय वायुसेना की एक मजबूत परंपरा रही है, जिसे आज और आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह न केवल रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि देश की तकनीकी क्षमता को भी नई ऊंचाई पर ले जा रहा है।
कर्मियों की सराहना और प्रेरणा
एयर मार्शल ने डिपो के सभी कर्मियों से संवाद भी किया और उनकी समर्पण भावना, तकनीकी दक्षता और पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जिस प्रकार डिपो के कर्मचारी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।
उन्होंने विश्वास जताया कि टीम वर्क और नवाचार के माध्यम से बेस रिपेयर डिपो भविष्य में भी रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
यह दौरा न केवल तकनीकी समीक्षा का हिस्सा था, बल्कि यह भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में मजबूत प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। एयर मार्शल यल्ला उमेश का यह संदेश स्पष्ट करता है कि भारतीय वायुसेना का हर प्रयास “देश के नाम” समर्पित है और भविष्य की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।