2026-04-29 15:48:10
उत्तर प्रदेश / भव्य खबर । उत्तर प्रदेश के विकास इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, तो यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं रही—यह “नए भारत” की रफ्तार, सोच और संकल्प का प्रतीक बन गई।
विकास की रफ्तार का महामार्ग
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 6-लेन (भविष्य में 8-लेन) एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की आर्थिक धड़कन को नई गति देने वाला है। जो दूरी पहले 10–12 घंटे में तय होती थी, अब वह मात्र 6 घंटे में पूरी होगी—यह बदलाव सिर्फ समय का नहीं, बल्कि सोच और संभावनाओं का है।
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिससे व्यापार, कृषि, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। यह सड़क नहीं, बल्कि विकास का एक जीवंत कॉरिडोर है।
रणनीतिक ताकत का भी प्रतीक
शाहजहांपुर में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) इस एक्सप्रेसवे को और भी खास बनाती है। यह सुविधा भारतीय वायु सेना के विमानों को आपातकालीन स्थिति में उतरने की क्षमता देती है, जिससे इस परियोजना का सामरिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
प्रधानमंत्री का संदेश: विकास ही पहचान
उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि जहां दुनिया अस्थिरता और संघर्ष से जूझ रही है, वहीं भारत विकास और विश्वास की नई मिसाल कायम कर रहा है। उन्होंने “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को दोहराते हुए कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
राजनीतिक संदर्भ में उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ शक्तियां विकास में बाधा डालने का काम करती हैं। साथ ही “नारी शक्ति वंदन” जैसे प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
बदलता उत्तर प्रदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान खराब सड़कों और अव्यवस्था से होती थी, लेकिन आज यह देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। आज यूपी में 21 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं—यह बदलाव विकास की नई तस्वीर पेश करता है।
कानून-व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश “जंगलराज” नहीं, बल्कि सुशासन और सुरक्षा का पर्याय बन गया है।
मुख्यमंत्री का विश्वास
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके को “नए भारत की कार्यसंस्कृति” का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2021 में रखी गई आधारशिला से लेकर आज उद्घाटन तक की यात्रा यह दिखाती है कि सरकार अपने संकल्पों को समय पर पूरा करने में सक्षम है।
भविष्य की उड़ान
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इस एक्सप्रेसवे को आगे हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा, जिससे उत्तर भारत का कनेक्टिविटी नेटवर्क और मजबूत होगा। साथ ही फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए इसे अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ा जाएगा।
विकास का नया युग
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है—यह उत्तर प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। यह परियोजना न सिर्फ लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ाएगी।
यह सड़क नहीं, बल्कि सपनों को मंजिल तक पहुंचाने वाला रास्ता है।