2026-05-12 00:21:54
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली सरकार राजधानी के हरित क्षेत्र को मजबूत करने और पार्कों व उद्यानों के बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रस्तावित इस योजना का उद्देश्य आरडब्ल्यूए, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और पंजीकृत सोसायटियों की भागीदारी को बढ़ाना और शहर के हरित स्थलों को अधिक टिकाऊ बनाना है।
सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बढ़ती लागत को देखते हुए मौजूदा सहायता संरचना को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि पार्कों का रखरखाव बेहतर तरीके से किया जा सके और नागरिकों को स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सके।
रखरखाव सहायता में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
प्रस्ताव के अनुसार, पार्कों और उद्यानों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि को 2.55 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 3.8 लाख रुपये प्रति एकड़ करने की योजना है। इस बढ़ोतरी से साफ-सफाई, सिंचाई, हरियाली संरक्षण और अन्य रखरखाव कार्यों में सुधार आने की उम्मीद है।
100 प्रतिशत वित्तीय सहायता की दिशा में कदम
वर्तमान 90:10 वित्तीय साझेदारी मॉडल को समाप्त कर सरकार द्वारा 100 प्रतिशत अनुदान देने का प्रस्ताव रखा गया है। पहले की व्यवस्था में सरकार 90 प्रतिशत लागत वहन करती थी, जबकि 10 प्रतिशत हिस्सा संबंधित आरडब्ल्यूए या संस्थाओं को देना पड़ता था।
नई व्यवस्था लागू होने पर छोटे संगठनों और सीमित संसाधनों वाली सोसायटियों की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे अधिक पार्कों का समुचित रखरखाव संभव हो सकेगा।
नए पार्कों के विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने नए पार्कों के निर्माण के लिए दी जाने वाली एकमुश्त सहायता को 1.0 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.9 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है। इस कदम से नई कॉलोनियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
मौजूदा पार्कों के सुधार के लिए अतिरिक्त प्रावधान
सरकार मौजूदा पार्कों के उन्नयन के लिए भी विशेष सहायता देने की योजना बना रही है। इसमें डिस्प्ले बोर्ड, डस्टबिन और यूपीवीसी सिंचाई पाइपलाइन जैसी सुविधाओं के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता शामिल हो सकती है। यह सहायता संबंधित संस्थाओं की मांग पर उपलब्ध कराई जाएगी।
हरित दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में हरित क्षेत्र का विस्तार और उसका सतत रखरखाव सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करते हैं, बल्कि नागरिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सरकार का मानना है कि इस पहल से दिल्ली के पार्क अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और टिकाऊ बनेंगे तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ‘विकसित दिल्ली’ के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।