2026-05-12 00:43:08
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और तेज़ शहरीकरण को देखते हुए दिल्ली के लिए एक दीर्घकालिक ‘फायर फाइटिंग मास्टर प्लान’ तैयार किया जाएगा।
गृह मंत्री ने सोमवार दिल्ली सचिवालय में दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी छह डिवीजनों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में फायर विभाग की तैयारियों, संसाधनों, आधुनिक उपकरणों, नई फायर गाड़ियों की खरीद और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि फायर विभाग के ढांचे और तकनीक को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने फायर विभाग के आंतरिक संचार तंत्र को मजबूत करने और आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया।
आशीष सूद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आग की घटनाओं की रोकथाम की जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और स्थानीय आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, धार्मिक समितियों, पार्क क्लबों और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं। इन अभियानों में मॉक ड्रिल, फायर सेफ्टी के डूज एंड डोन्ट्स तथा बचाव उपायों की जानकारी शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को अपने घरों और भवनों में आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरण जैसे स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा साधन लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।
गृह मंत्री ने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और रैन बसेरों जैसे संवेदनशील स्थानों पर नियमित फायर ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली के अगले 3, 15 और 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार कर सरकार को प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि फायर विभाग उन क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाए जो सीधे उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आते, ताकि अधिक से अधिक लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति सजग किया जा सके।
गृह मंत्री ने अंत में निर्देश दिया कि दिल्ली पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली नगर निगम, बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs), दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए एक अंतर-विभागीय बैठक भी आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर तालमेल से ही दिल्ली को सुरक्षित और आपदा प्रबंधन के लिहाज से अधिक सक्षम बनाया जा सकता है।