2026-05-12 00:36:28
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री सेवा सदन’ से बेसहारा, बीमार और असहाय लोगों के लिए विशेष ‘सेवा एवं रेस्क्यू अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष एम्बुलेंस और रेस्क्यू वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पांच दिवसीय सघन अभियान 11 मई से 15 मई तक दिल्ली के सभी 13 जिलों में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत लगभग 300 से अधिक जरूरतमंदों को तत्काल सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह अभियान दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग, अपना घर आश्रम और सेवा भारती दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में शकूर बस्ती के विधायक करणैल सिंह, अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ. बी. एम. भारद्वाज तथा सेवा भारती दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान उन लोगों के लिए है जो सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर गंभीर बीमारी या असहाय स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्हें रेस्क्यू कर आश्रम में लाया जाएगा, जहां उनका उपचार, भोजन, देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। जिन व्यक्तियों के परिवार उपलब्ध होंगे, उन्हें स्वास्थ्य लाभ के बाद पुनः परिवार से जोड़ा जाएगा, जबकि जिनका कोई सहारा नहीं होगा उनकी पूरी देखभाल आश्रम द्वारा की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि अपना घर आश्रम मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जहां हजारों बेसहारा लोगों को सम्मानजनक जीवन मिल रहा है।
इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों से असहाय, दिव्यांग, बीमार एवं निराश्रित लोगों को चिन्हित कर रेस्क्यू किया जा रहा है। टीबी, कैंसर और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार एवं आश्रय दिया जा रहा है।
अभियान में 19 विशेष रेस्क्यू एम्बुलेंस, 10 सहयोगी वाहन, लगभग 100 सदस्यीय स्टाफ और 50 स्वयंसेवक लगातार कार्यरत हैं। कुल 500 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है, जिसमें 100 बेड महिलाओं और 400 बेड पुरुषों के लिए उपलब्ध हैं।
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 24 घंटे कार्यरत ‘वन विंडो सिस्टम’ भी विकसित किया है। प्रथम चरण में अब तक लगभग 20 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।