हरियाणा मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित परियोजना लागत, पूरक रिपोर्टों और विश्व बैंक से ऋण के प्रस्ताव को दी मंजूरी

कुल परियोजना लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के संशोधन को भी दी है मंजूरी
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2026-05-18 19:21:42

चंडीगढ़/ भव्य खबर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत, रैपिड मेट्रो और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन स्पर (लिंक) के साथ जुड़ाव से संबंधित पूरक रिपोर्ट और गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना के पूरे सॉफ्ट लोन (सस्ते ऋण) के हिस्से को विश्व बैंक के माध्यम से वित्तपोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह निर्णय गुरुग्राम में शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बहुप्रतीक्षित मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी गुरुग्राम तक 28.50 किलोमीटर लंबी मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मैसर्स राइट्स द्वारा तैयार की गई थी, जिसमें 27 स्टेशन शामिल हैं। इसे 13 अगस्त 2020 को हरियाणा मंत्रिपरिषद द्वारा और बाद में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था।

मंत्रिमंडल ने कुल परियोजना लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने के संशोधन को मंजूरी दे दी है। लागत में इस वृद्धि का मुख्य कारण 2019 और 2023 के बीच कीमतों में बढ़ोतरी, जीएसटी दरों में संशोधन, मिलेनियम सिटी सेंटर-साइबर सिटी कॉरिडोर के लिए स्वतंत्र नियोजन आवश्यकताएं, एक पूर्ण डिपो और अतिरिक्त रोलिंग स्टॉक की आवश्यकता, आरआरटीएस एलाइनमेंट में बदलाव और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए एक मेट्रो स्पर का प्रावधान है।

संशोधित लागत संरचना में कीमतों में बढ़ोतरी और जीएसटी बदलावों से उत्पन्न संशोधित परियोजना लागत के लिए 7,098.70 करोड़ रुपये, अतिरिक्त स्वतंत्र कॉरिडोर आवश्यकताओं के लिए 947.06 करोड़ रुपये और सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक मेट्रो स्पर के निर्माण के लिए 454.32 करोड़ रुपये शामिल हैं।

रैपिड मेट्रो के साथ जुड़ाव से संबंधित पूरक रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। यह रिपोर्ट रैपिड मेट्रो के साथ जुड़ाव के परिदृश्य में आए बदलावों के बाद गुरुग्राम मेट्रो को एक स्वतंत्र परियोजना के रूप में विकसित करने के लागत प्रभावों को रेखांकित करती है। इसमें सेक्टर-33, गुरुग्राम में 22.86 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर फैले एक डिपो और संबंधित सुविधाओं के विकास के प्रावधान शामिल है।

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने सेक्टर-5 स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो स्पर के संबंध में पूरक रिपोर्ट को मंजूरी दी। लगभग 1.80 किलोमीटर की लंबाई वाले इस प्रस्तावित स्पर का उद्देश्य मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी में सुधार करना और गुरुग्राम में मेट्रो व रेलवे सेवाओं के बीच निर्बाध यात्रा जुड़ाव की सुविधा प्रदान करना है।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने परियोजना के पूरे सॉफ्ट लोन घटक को विश्व बैंक के माध्यम से वित्त पोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 5,452.72 करोड़ रुपये की मूल स्वीकृत परियोजना लागत में 2,688.57 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन घटक शामिल था, जिसमें से 1,075.428 करोड़ रुपये विश्व बैंक से और 1,613.14 करोड़ रुपये यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) से प्रस्तावित थे।

मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया कि ईआईबी से पुष्टि मिलने में लगातार हो रही देरी के कारण गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के बोर्ड ने 13 अक्टूबर, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में निर्णय लिया था कि और अधिक देरी होने की स्थिति में, परियोजना की समय-सीमा पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए ईआईबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने वाले हिस्से को भी विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को बाद में 12 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल गई थी।

मंत्रिमंडल ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समझौतों और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रशासनिक सचिव नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और हरियाणा को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने को भी मंजूरी दी।

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्र सरकार के साथ परामर्श के दौरान यदि आवश्यकता हो तो किसी भी बदलाव या संशोधन को मंजूरी देने, या परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करने के लिए अधिकृत किया है।

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