2026-05-21 00:20:11
नई दिल्ली / भव्य खबर । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का लैंडफिल रिमेडिएशन मॉडल अब देशभर के लिए मिसाल बनता जा रहा है। विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे कचरा निस्तारण कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की।
बैठक में दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में चल रहे लैंडफिल रिमेडिएशन कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पुराने कचरे के निस्तारण कार्य में अभूतपूर्व तेजी आई है।
255 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण
आशीष सूद ने बताया कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल स्थलों पर अब तक 255.03 लाख मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट का बायो-माइनिंग तकनीक से निस्तारण किया जा चुका है। इससे करीब 75 एकड़ भूमि को पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय यह कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था। वर्ष 2022-23 में पूरे साल के दौरान केवल 21.9 लाख मीट्रिक टन कचरे का ही प्रसंस्करण हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2025-26 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 74.11 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
प्रोसेसिंग क्षमता तीन गुना बढ़ी
शहरी विकास मंत्री ने बताया that वर्ष 2022-23 में जहां प्रतिदिन लगभग 6,000 मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर करीब 20,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है। तीनों लैंडफिल स्थलों पर ट्रॉमल मशीनों की संख्या बढ़ाकर 70 कर दी गई है, जो डबल शिफ्ट में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइटों पर लगभग 82 प्रतिशत लेगेसी वेस्ट को कम करने में सफलता मिली है।
2 अक्टूबर 2026 तक शुरू होंगी नई वेस्ट प्रोसेसिंग इकाइयां
आशीष सूद ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार ओखला, भलस्वा, सिंघोला, नरेला-बवाना और गाजीपुर में पुनः प्राप्त की गई लैंडफिल भूमि पर कुल 5,900 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाली पांच नई इंटीग्रेटेड फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित कर रही है।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को 2 अक्टूबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
“दिल्ली को कूड़े से आजादी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार”
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ भारत” अभियान के संकल्प के अनुरूप राजधानी को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकसित भारत की आधुनिक और स्वच्छ राजधानी के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है तथा आने वाले समय में दिल्ली को स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में देश का मॉडल शहर बनाया जाएगा।