2026-05-21 00:13:33
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को आधुनिक और ऊर्जा दक्ष रोशनी से जगमगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में दिल्ली की सभी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी प्रणाली में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी गई।
करीब 473.24 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़कों पर लगी लगभग 96 हजार स्ट्रीट लाइटों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट एलईडी लाइटों में बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य आगामी दीवाली तक राजधानी की प्रमुख सड़कों को नई स्मार्ट रोशनी से जगमगाने का है।
बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2026-27 में की गई उस घोषणा का हिस्सा है, जिसमें पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों को ऊर्जा कुशल स्मार्ट एलईडी प्रणाली में बदलने की बात कही गई थी।
डार्क स्पॉट और खराब रोशनी की समस्या होगी खत्म
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि मौजूदा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में कई गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं। खराब लाइटों की जानकारी केवल शिकायत मिलने के बाद ही मिलती थी, जिससे कई इलाकों में लंबे समय तक डार्क स्पॉट बने रहते थे। इससे सड़क सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ता था।
उन्होंने कहा कि नई स्मार्ट एलईडी प्रणाली इन समस्याओं का व्यापक समाधान देगी। वर्तमान में पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर करीब 45 हजार हाई प्रेशर सोडियम वेपोर (एचपीएसवी) लाइटें और 51 हजार पुरानी एलईडी लाइटें लगी हुई हैं, जिन्हें अब अत्याधुनिक स्मार्ट एलईडी प्रणाली में बदला जाएगा। इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 5 हजार अतिरिक्त पोल भी लगाए जाएंगे।
स्मार्ट कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) होगा। इसके माध्यम से प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी। किसी भी लाइट के खराब होने की जानकारी तुरंत मिल जाएगी और उसे दूर से नियंत्रित भी किया जा सकेगा।
इस स्मार्ट तकनीक के जरिए जरूरत के अनुसार रोशनी की तीव्रता को 90 प्रतिशत तक कम या अधिक किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत और बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
हर साल 25 करोड़ रुपये की बिजली बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल राजधानी को आधुनिक प्रकाश व्यवस्था देगी, बल्कि बिजली खर्च में भी बड़ी बचत करेगी। स्मार्ट एलईडी प्रणाली लागू होने के बाद हर वर्ष लगभग 25 करोड़ रुपये की बिजली बचत होने का अनुमान है। पांच वर्षों में यह बचत और अधिक प्रभावी रूप से दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि इस योजना से दिल्ली की सड़कें डार्क स्पॉट मुक्त होंगी, महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही राजधानी को सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल प्रकाश व्यवस्था मिलेगी।
योजना को मिलेगा विशेष नाम
बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सुझाव दिया कि यह दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसका विशेष नामकरण किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस सुझाव पर सहमति जताई।