2026-05-06 17:47:26
नई दिल्ली / भव्य खबर । भारत की शिक्षा व्यवस्था में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब विज्ञान भवन में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के नए दिशानिर्देशों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उपस्थित थे, जबकि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी विशेष रूप से शामिल हुए।
इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल नई गाइडलाइंस जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था में आ रहे एक गहरे और परिवर्तनकारी बदलाव का प्रतीक है।
विकसित भारत का रास्ता क्लासरूम्स से होकर निकलेगा
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यदि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो उसका रास्ता भारत के क्लासरूम्स से होकर ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल संसदों में नहीं बनते, बल्कि सबसे पहले कक्षाओं में तैयार होते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने भारत की शिक्षा यात्रा को नई दिशा प्रदान की है।
NEP 2020: सिलेबस और अंकों से आगे की सोच
आशीष सूद ने कहा कि लंबे समय तक देश की शिक्षा व्यवस्था सिलेबस, परीक्षा और अंकों तक सीमित रही, लेकिन NEP 2020 ने पहली बार यह स्पष्ट दृष्टिकोण दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सक्षम, आत्मविश्वासी, रचनात्मक और संवेदनशील नागरिक बनाना है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि आज NEP रटने की संस्कृति को क्रिटिकल थिंकिंग में बदल रही है, मेमोराइज़ेशन को इनोवेशन में परिवर्तित कर रही है, और डिग्री आधारित सोच को लर्निंग आधारित दृष्टिकोण में बदलने का कार्य कर रही है। शिक्षा अब केवल सरकार का कार्य नहीं रह गई है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय मिशन का रूप ले चुकी है।
अमृत पीढ़ी का ब्लूप्रिंट है NEP 2020
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस अमृत पीढ़ी की बात करते हैं, वही पीढ़ी वर्ष 2047 में भारत का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि NEP 2020 वास्तव में उस अमृत पीढ़ी का ब्लूप्रिंट है, जो तकनीकी रूप से सशक्त, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, और अपनी जड़ों, मूल्यों तथा सभ्यतागत चेतना से गहराई से जुड़ी होगी।
दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता: ज़मीन पर उतरेगा NEP का विज़न
आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार NEP 2020 के प्रत्येक मापदंड, प्रत्येक विज़न और प्रत्येक सुधार को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल पॉलिसी अपनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मार्गदर्शन में NEP के विज़न को दिल्ली के क्लासरूम्स में ज़मीनी हकीकत बनाने के लिए पूरी मेहनत से कार्य करेगी।
SMC गाइडलाइंस 2026: मॉनिटरिंग कमिटी से आगे, अब गवर्निंग इंस्टीट्यूशन
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज लॉन्च की गई स्कूल मैनेजमेंट कमिटी गाइडलाइंस 2026 इस परिवर्तनकारी यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने बताया कि राइट टू एजुकेशन एक्ट के बाद जो SMC फ्रेमवर्क आया था, वह मुख्यतः ग्रांट मॉनिटरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर सुपरविज़न और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक सीमित था। लेकिन आज की चुनौतियाँ और अपेक्षाएँ पूरी तरह बदल चुकी हैं।
आज बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN), डिजिटल ट्रांसपेरेंसी, लर्निंग आउटकम्स और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषय बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं। नई SMC गाइडलाइंस इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ये गाइडलाइंस SMC को केवल मॉनिटरिंग कमिटी से आगे बढ़ाकर एक वास्तविक स्कूल कम्युनिटी गवर्निंग इंस्टीट्यूशन में परिवर्तित करती हैं। अब SMC केवल भवन या प्रशासनिक कार्यों की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, अकादमिक गुणवत्ता, छात्र कल्याण, सुरक्षा, समावेशिता, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
स्कूल अब बनेंगे सामुदायिक जीवन के केंद्र
आशीष सूद ने कहा कि नई गाइडलाइंस क्लस्टर लेवल रिसोर्स शेयरिंग को बढ़ावा देंगी और स्कूलों को सामुदायिक जीवन का केंद्र बनाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि यही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की वास्तविक आत्मा है, क्योंकि शिक्षा अलग-थलग रहकर सफल नहीं हो सकती। स्कूल और समाज जब साथ चलेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।
तीन वर्षीय विजन प्लान: व्यक्ति नहीं, संस्था आधारित दृष्टिकोण
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई गाइडलाइंस में शामिल तीन वर्षीय विज़न प्लान, वार्षिक कार्य योजना और स्पष्ट प्राथमिकताएँ शिक्षा व्यवस्था को व्यक्ति आधारित नहीं, बल्कि संस्थागत और दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल का प्रिंसिपल या शिक्षक बदल भी जाए, तब भी स्कूल की दिशा और विकास की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए — यही इन गाइडलाइंस की सबसे बड़ी ताकत है।
वंचित वर्गों के बच्चों के लिए नए अवसर
शिक्षा मंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में समावेशी, सहभागी और समग्र शिक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वंचित वर्गों के बच्चों के लिए इन गाइडलाइंस के माध्यम से नए अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका
आशीष सूद ने अपने संबोधन के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि नई SMC गाइडलाइंस शिक्षा क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देंगी, और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।