अनाज भंडारण के लिए शाहबादअंबाला के बीच बनेगा बड़ा साइलो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में किसानों की मेहनत से उपजे अनाज को बर्बाद होने से बचाने के लिए राज्य सरकार बड़ी योजना पर काम कर रही है।
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2026-05-06 17:36:12

हरियाणा / भव्य खबर । हरियाणा में किसानों की मेहनत से उपजे अनाज को बर्बाद होने से बचाने के लिए राज्य सरकार बड़ी योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शाहबाद और अंबाला के बीच एक विशाल साइलो (मेगा वेयरहाउस) बनाने की योजना तत्काल तैयार की जाए। बैठक में अनाज भंडारण के साथ-साथ पलवल और नूंह क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

अनाज भंडारण: स्थाई समाधान की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाज को खराब होने से बचाने के लिए ज़रूरी है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस और साइलो उपलब्ध हों। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द अनाज भंडारण की समस्या का स्थाई समाधान निकालें।

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि हमारे किसान दिन-रात मेहनत करके अनाज पैदा करते हैं। इस अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस होना अनिवार्य है।

रेल और सड़क के बीच 100 एकड़ ज़मीन का होगा अधिग्रहण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि साइलो का निर्माण किसी ऐसे स्थान पर हो जो रेलवे लाइन और सड़क मार्ग के बीच हो, ताकि कम खर्च में पूरे देश के साथ साइलो की बेहतर कनेक्टिविटी संभव हो सके। इस उद्देश्य से रेलवे लाइन और सड़क के बीचों-बीच आवश्यकता अनुसार 100 एकड़ तक ज़मीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ज़मीन अधिग्रहण और साइलो निर्माण की योजना तैयार करने का कार्य एक महीने के भीतर पूरा किया जाए।

हिसार एयरपोर्ट के पास भी बनेगा विशेष साइलो: मिडिल ईस्ट तक पहुंचेगा हरियाणा का माल

मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के मद्देनज़र वहां सब्जियों और फलों की मांग बहुत बढ़ गई है। इस मौके को भुनाने के लिए उन्होंने हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को निर्देश दिए कि हिसार एयरपोर्ट के समीप भी एक साइलो या बड़े वेयरहाउस की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाए।

इस वेयरहाउस में फलों और सब्जियों का सुरक्षित भंडारण होगा, और हिसार एयरपोर्ट के ज़रिए इन्हें सीधे मिडिल ईस्ट के बाज़ारों तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से *प्रदेश के सब्ज़ी और फल उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर दाम* मिल सकेंगे, जो उनकी आय में सीधी वृद्धि का ज़रिया बनेगा।

पलवल-नूंह में जलापूर्ति: 765 करोड़ की योजना

बैठक के दूसरे प्रमुख एजेंडे में पलवल और नूंह क्षेत्र की जलापूर्ति समस्या पर चर्चा हुई। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पलवल और नूंह क्षेत्र के 108 गांवों तथा पुन्हाना नगर में ट्यूबवेल आधारित पेयजल आपूर्ति की जाती है।

भूमिगत जलस्तर को बनाए रखने और ज़मीन को रिचार्ज करने के लिए विभाग 7 रैनी वेल और बूस्टिंग स्टेशन स्थापित करेगा, जिस पर लगभग 765 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

नहरी पानी से जलापूर्ति की दूरगामी योजना

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में ट्यूबवेल से जलापूर्ति की जा रही है, वहां नहरी पानी से जलापूर्ति की वैकल्पिक योजना भी तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नूंह और पलवल क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे, जहां जनता और उद्योगों को बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता पड़ेगी। इसलिए जलापूर्ति का मज़बूत और दीर्घकालिक ढांचा अभी से तैयार करना ज़रूरी है।

एक पेड़ मां के नाम योजना: मानसून से पहले बड़े पैमाने पर पौधारोपण

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून सीज़न के मद्देनज़र पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधारोपण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि *एक पेड़ मां के नाम योजना* के तहत अभी से ही पौधारोपण शुरू कर दिया जाए, ताकि प्रदेश के हरित क्षेत्र को बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगवाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों को समय पर पानी मिले ताकि वे पूरी तरह विकसित हो सकें। इसके लिए अधिकारियों को समुचित कार्ययोजना बनाकर काम करने को कहा गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, जन स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन, तथा हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी डॉ. शालीन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

किसान-केंद्रित और दूरदर्शी सोच

इस बैठक से साफ है कि हरियाणा सरकार अनाज भंडारण, किसानों की आमदनी, जलापूर्ति, और पर्यावरण संरक्षण — चारों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। शाहबाद-अंबाला साइलो किसानों के अनाज को सुरक्षित रखेगा, हिसार वेयरहाउस उन्हें वैश्विक बाज़ार से जोड़ेगा, पलवल-नूंह की जल योजना औद्योगिक भविष्य की नींव रखेगी, और एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रदेश को हरा-भरा बनाएगा। एक महीने के अंदर साइलो की योजना का मसौदा तैयार होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि हरियाणा कितनी जल्दी ज़मीन पर इन घोषणाओं को उतार पाता है।

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