2026-05-06 17:23:57
नई दिल्ली / भव्य खबर । राजधानी में बढ़ते तापमान और हीटवेव की मार झेल रहे लाखों दिल्लीवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय से 13 मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये यूनिट्स शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर भीषण गर्मी और लू से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजधानी का हीट एक्शन प्लान 2026 भी जारी किया।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, रवीन्द्र इन्द्रराज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग — सिर्फ नारा नहीं, प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि राहत को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने दिल्ली के सभी 13 जिलों के लिए 13 विशेष मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स तैयार की हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग केवल एक अभियान नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है।
मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स में क्या-क्या मिलेगा?
प्रत्येक मोबाइल यूनिट पूरी तरह से सुसज्जित होगी, ताकि गर्मी में बाहर निकले हर व्यक्ति को तत्काल राहत मिल सके। इन यूनिट्स में नागरिकों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल, ORS पैकेट, प्राथमिक उपचार की सुविधा, कॉटन के गमछे और कैप उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रत्येक यूनिट की विशेषताएं:
- 400 से 500 लीटर क्षमता का ठंडे पानी का टैंक
- फर्स्ट एड किट
- ORS वितरण व्यवस्था
- आवश्यक राहत सामग्री
- ईको-फ्रेंडली डिस्पोजेबल ग्लास और उचित वेस्ट कलेक्शन व्यवस्था
ये यूनिट्स *प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक* उन स्थानों पर संचालित होंगी जहां भीड़ और गर्मी का असर सबसे अधिक रहता है — जैसे श्रमिक चौक, बस अड्डे, बाजार, झुग्गी क्षेत्र, और अन्य संवेदनशील इलाके।
हर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की तैनाती
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक जिले में 10 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स* की तैनाती की गई है, जो अगले तीन महीनों तक इन यूनिट्स के संचालन में सहयोग करेंगे। हर जिले में रोज़ाना लगभग 1000 ORS पैकेट, 300 कॉटन गमछे और 200 कैप वितरित किए जाएंगे।
हीट एक्शन प्लान 2026: संवेदनशील वर्गों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का हीट एक्शन प्लान पूरी तैयारी और समन्वय के साथ लागू किया गया है। यह प्लान शहर के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, विशेष रूप से *दिहाड़ी और निर्माण श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, बेघर व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों* जैसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
श्रमिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक बाहरी श्रम कार्यों को रोकने और विश्राम अवधि सुनिश्चित करने के निर्देश सार्वजनिक और निजी संस्थानों को जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू
बच्चों को गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए दिल्ली के सभी स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही दोपहर के समय आउटडोर गतिविधियों और असेंबली को भी रोक दिया गया है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष व्यवस्था
राजधानी के 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों में ORS, आइस पैक और आवश्यक दवाइयों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, और विशेष कूल रूम भी स्थापित किए गए हैं।
दीर्घकालिक रणनीति: सिर्फ राहत नहीं, स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भवनों में वाटर कूलर और पेयजल डिस्पेंसर लगाने की प्रक्रिया भी तेज़ कर दी गई है। दिल्ली सरकार का हीट एक्शन प्लान केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जागरूकता अभियान, हरित क्षेत्र बढ़ाना, जल संरक्षण, शहरी तापमान नियंत्रण और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे का विकास जैसे दीर्घकालिक उपाय भी शामिल हैं।
CM की दिल्लीवासियों से अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे गर्मी के मौसम में अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, अधिक से अधिक पानी पिएं, धूप में बाहर निकलने से बचें, और आवश्यकता पड़ने पर 112 हेल्पलाइन नंबर के ज़रिए मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स की सहायता प्राप्त करें।
उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार हर परिस्थिति में नागरिकों के साथ खड़ी है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भीषण गर्मी के दौरान कोई भी व्यक्ति राहत और सहायता से वंचित न रहे।