2026-05-20 14:18:06
चंडीगढ़/ भव्य खबर । उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है जहां सकलाना क्षेत्र में बुधवार को बदरीनाथ से यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया और देखते ही देखते अनियंत्रित होकर नीचे आने लगा। हादसा इतना खतरनाक था कि मौके पर मौजूद लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से घबरा उठे। लेकिन इस भयावह स्थिति के बीच महिला पायलट अनुपमा चौधरी ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित खेतों में उतार दिया। उनकी सतर्कता के कारण हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह यात्रियों की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से यात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा था। मूल रूप से हेलीकॉप्टर को गुप्तकाशी होकर देहरादून पहुंचना था, लेकिन बीच में नया संदेश मिलने के बाद रूट बदल दिया गया। नए रूट पर चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर उड़ान के दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे हेलीकॉप्टर के पिछले रोटर में 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार फंस गया। तार फंसते ही हेलीकॉप्टर हवा में तेज झटके खाने लगा और कुछ समय के लिए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होती नजर आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर नीचे की ओर तेजी से झुकने लगा था। यात्रियों में दहशत फैल गई और आसपास मौजूद ग्रामीण भी घबरा गए। इस दौरान पायलट अनुपमा चौधरी ने धैर्य बनाए रखा और लगातार हेलीकॉप्टर को नियंत्रित करने का प्रयास करती रहीं। काफी संघर्ष के बाद उन्होंने सत्यो-सकलाना क्षेत्र के खेतों में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। हादसे में हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट सहित सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
घटना की सूचना मिलते ही चंबा-सत्यो पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हेलीकॉप्टर में पायलट अनुपमा चौधरी के अलावा पुत्र राज सूरी, श्रीराज सूरी, भूमि सूरी, पार्थ सूरी, हिमांशी पटेल और निष्का सवार थे। सभी यात्रियों को बाद में सड़क मार्ग से सुरक्षित देहरादून भेज दिया गया।
धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि पायलट की समझदारी और त्वरित निर्णय के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि हेलीकॉप्टर आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में इस बात की चर्चा होती रही कि किस तरह कुछ सेकंड के फैसले ने कई परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। ग्रामीणों ने भी महिला पायलट के साहस और संयम की जमकर सराहना की।