2026-04-19 12:34:20
श्रीलंकाभव्य खबर । दो दिवसीय यात्रा में शीर्ष नेताओं से मुलाकात, तमिल समुदाय से संवाद और विकास परियोजनाओं का करेंगे निरीक्षण
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन अपने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार विदेश यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। यह दो दिवसीय आधिकारिक दौरा भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों को सुदृढ़ करना और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को और गहरा करना है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह दौरा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने का हिस्सा है।
अपने प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता के साथ-साथ श्रीलंका के तमिल और भारतीय मूल के तमिल समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
इस दौरे का एक अहम हिस्सा नुवारा एलिया क्षेत्र का भ्रमण भी है, जो अपने चाय बागानों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोग रहते हैं। उपराष्ट्रपति यहां भारत द्वारा संचालित आवास परियोजना के तहत बनाए गए घरों का निरीक्षण करेंगे। इस परियोजना के तहत अब तक हजारों घर बनाए जा चुके हैं और कई और निर्माणाधीन हैं।
इसके अलावा, वे स्थानीय समुदाय के लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनके जीवन से जुड़े मुद्दों को समझने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में नुवारा एलिया स्थित प्रसिद्ध सीता मंदिर के दर्शन भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका को भारत का सबसे निकट समुद्री पड़ोसी और एक प्राचीन सभ्यतागत साझेदार बताया है, जिसके साथ संबंध 2,500 वर्षों से भी अधिक पुराने हैं। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बढ़े हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिली है।
यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग, विश्वास और साझेदारी को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।