2026-04-30 14:36:03
हरियाणा / भव्य खबर । सिरसा से सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने यूक्रेन-रूस युद्ध में हरियाणा के युवाओं की हो रही मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। खासतौर पर फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के रहने वाले अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया की दर्दनाक मृत्यु को उन्होंने अत्यंत हृदयविदारक बताया।
उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना केवल दो परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा झटका है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
रोजगार के नाम पर धोखा, युद्ध में झोंके गए युवा
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये युवा बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य की तलाश में विदेश गए थे। लेकिन वहां उन्हें कथित रूप से नौकरी के नाम पर गुमराह किया गया और युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।
उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि युवाओं की सुरक्षा, विदेश रोजगार प्रणाली और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़ा एक बड़ा सवाल है।
पहले भी उठ चुका है मुद्दा, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
सांसद ने कहा कि इस तरह के मामलों को पहले भी संबंधित विभागों के संज्ञान में लाया गया था। ऐसे में उम्मीद थी कि समय रहते ठोस और संवेदनशील कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो पाया, जिसके चलते कई परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी।
हरियाणा के 10 से अधिक युवाओं की जा चुकी है जान
कुमारी सैलजा ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध में हरियाणा के 10 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है।
इनमें फतेहाबाद के अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया, रेवाड़ी के अंशु (काठूवास गांव), सोनीपत के अंकित (कुराड़ इब्राहिमपुर गांव), करनाल के विकास और अनुज, कैथल के रवि और कर्मचंद, तथा हिसार के सोनू शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन युवाओं को स्टडी वीजा या सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का झांसा देकर रूस बुलाया गया और बाद में जबरन सेना में भर्ती करवा दिया गया। कई मामलों में तो युवाओं को महज 15 दिन की ट्रेनिंग देकर सीधे युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया।
सरकार से की ये अहम मांगें
कुमारी सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी एजेंटों और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता देने की भी मांग उठाई।
विदेशों में फंसे युवाओं की सुरक्षित वापसी जरूरी
सांसद ने यह भी कहा कि विदेशों में फंसे भारतीय युवाओं की जल्द पहचान कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह नीति बनाई जानी चाहिए।
देश में ही रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि देश और प्रदेश में युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें मजबूरी में विदेश जाकर जोखिम भरे विकल्प न चुनने पड़ें।
संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की जरूरत
अंत में उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने का है, ताकि देश का कोई भी युवा अपने बेहतर भविष्य की तलाश में इस तरह की खतरनाक परिस्थितियों में न फंसे और हर परिवार सुरक्षित जीवन जी सके।