2026-04-30 14:01:49
नई दिल्ली / भव्य खबर । राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और सैन्य क्षमता पर बड़ा बयान दिया। यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें देश की सुरक्षा रणनीति, तकनीकी क्षमता और आतंकवाद से निपटने की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई।
“भारत अब पुरानी कूटनीतिक प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं”
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस बात का स्पष्ट संदेश है कि भारत अब आतंकवादी हमलों पर केवल कूटनीतिक बयान देने की पुरानी सोच से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने निर्णायक कार्रवाई के माध्यम से अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट रुख है कि आतंकवाद किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों का विस्तार बताया।
“ऑपरेशन सिंदूर भारत की त्रि-सेवा शक्ति का उदाहरण”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को पूरी तरह समन्वित योजना के तहत अंजाम दिया गया और भारत ने इसे अपने तय समय और शर्तों पर शुरू और समाप्त किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने इस अभियान के दौरान केवल उन्हीं लक्ष्यों को निशाना बनाया, जो सीधे हमले में शामिल थे।
आतंकवाद पर कड़ा रुख और वैश्विक संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद एक विकृत और खतरनाक मानसिकता से उत्पन्न होता है, जो मानवता पर धब्बा है। उन्होंने कहा कि इसे किसी धर्म या विचारधारा से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश बेहद खतरनाक है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने वैश्विक मंचों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद से लड़ाई केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि मानवता के मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।
“भारत आईटी में, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में”
अपने बयान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत दुनिया में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के केंद्र के रूप में देखा जाता है। यह बयान उन्होंने आतंकवाद के समर्थन को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए दिया।
आधुनिक तकनीक और रक्षा क्षमता
उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा प्रणाली अब आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग से और अधिक मजबूत हो रही है। उन्होंने विशेष रूप से “सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एआई के सफल उपयोग का उदाहरण है, जो देश की सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करता है।
“तीन आयामों में लड़ाई जरूरी”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद केवल एक सुरक्षा समस्या नहीं है, बल्कि इसके ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक आयाम भी हैं। इसलिए इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए इन सभी स्तरों पर एक साथ काम करना आवश्यक है।
ऑपरेशन सिंदूर: 72 घंटे का निर्णायक अभियान
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भले ही 72 घंटे में समाप्त हो गया, लेकिन इसकी तैयारी लंबे समय तक चली थी। इस दौरान भारत ने अपनी सैन्य क्षमता, संसाधनों और स्वदेशी हथियार प्रणाली की मजबूती का प्रदर्शन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह “नया भारत” है, जो आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता, तेज निर्णय और मजबूत रणनीति के साथ वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है।