2026-05-03 16:34:19
हरियाणा / भव्य खबर । हरियाणा में बढ़ती गर्मी के साथ गहराते बिजली संकट को लेकर सियासत तेज हो गई है। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे-लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता, किसान और छोटे उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। सैलजा ने सवाल उठाया कि जब सरकार को पहले से ही ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते लोड और बिजली लाइनों की खराब स्थिति की जानकारी थी, तो समय रहते आवश्यक सुधार क्यों नहीं किए गए।
सांसद ने बिजली निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समस्या बढ़ने के बाद ही सक्रिय होते हैं, जिससे जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे “प्यास लगने पर कुआं खोदने” वाली स्थिति करार दिया और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कुमारी सैलजा ने सरकार से यह भी पूछा कि आने वाले महीनों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए क्या कोई ठोस योजना तैयार की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश को और बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि शहरी इलाकों में भी अघोषित कट आम हो गए हैं। इस स्थिति ने न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि किसानों की सिंचाई और छोटे उद्योगों के संचालन पर भी नकारात्मक असर डाला है।
सैलजा ने आरोप लगाया कि बिजली निगम के पास प्रदेश के उपभोक्ताओं और लोड से संबंधित पूरा डेटा होने के बावजूद लोड मैनेजमेंट को गंभीरता से नहीं लिया गया। गर्मी शुरू होने के बाद मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखना लोगों की समस्याओं को और बढ़ा रहा है।
अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं। खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जाए और जर्जर बिजली लाइनों की मरम्मत की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस सुधार जरूरी हैं।