2026-05-02 13:45:23
नई दिल्ली / भव्य खबर । आज करीब पौने 12 बजे देशभर में लाखों मोबाइल फोन पर अचानक एक तेज अलार्म बजा और उसके साथ एक संदेश दिखाई दिया। यह अलर्ट केवल दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि भारत के लगभग सभी राज्यों और उनकी राजधानियों में एक साथ प्राप्त हुआ। कई लोगों के लिए यह अनुभव चौंकाने वाला था, लेकिन यह कोई आपात स्थिति नहीं बल्कि भारत सरकार द्वारा किया गया एक परीक्षण (टेस्ट) था।
संदेश में हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में स्पष्ट किया गया कि भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए एक नई सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है। इसका उद्देश्य नागरिकों तक आपदा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत पहुंचाना है। साथ ही यह भी बताया गया कि इस संदेश को प्राप्त करने पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह केवल एक परीक्षण है।
दरअसल, यह नई प्रणाली भारत सरकार की मोबाइल-आधारित आपदा संचार व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे देश के नागरिकों को समय पर चेतावनी देने के लिए विकसित किया गया है। इस पहल को दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से तैयार किया है। तकनीकी विकास का जिम्मा सी-डॉट (C-DOT) को सौंपा गया है, जो दूरसंचार विभाग का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र है।
यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानक अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसकी मदद से सरकार किसी भी आपदा या आपात स्थिति में बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर लोगों तक संदेश पहुंचा सकती है।
इस प्रणाली की सबसे खास बात है इसकी सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक। पारंपरिक SMS की तरह एक-एक नंबर पर संदेश भेजने के बजाय, यह तकनीक एक निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल डिवाइस पर एक साथ अलर्ट प्रसारित करती है। इससे संदेश लगभग रियल-टाइम में लोगों तक पहुंच जाता है, चाहे नेटवर्क पर कितना भी दबाव क्यों न हो।
वर्तमान में यह प्रणाली देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा चुकी है। इसका उपयोग पहले ही प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवात जैसी स्थितियों में किया जा चुका है। खास बात यह है कि यह अलर्ट करीब 19 भारतीय भाषाओं में भेजे जा सकते हैं, जिससे अधिकतम लोगों तक जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंच सके।
भविष्य में यह प्रणाली सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने, गैस रिसाव या अन्य रासायनिक खतरों जैसी गंभीर और समय-संवेदनशील परिस्थितियों में और भी महत्वपूर्ण साबित होगी। SMS के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट का उपयोग करने से आपदा के समय सूचना प्रसार और भी तेज और प्रभावी हो जाएगा।
कुल मिलाकर, यह पहल “सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र” की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो देश में आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।