2026-05-04 00:42:44
पंजाब/ भव्य खबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के ओबीसी समाज से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि यह वर्ग संगठित हो जाए तो आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ सभी वर्गों को बराबर प्रतिनिधित्व देने में विश्वास रखती है।
रूपनगर में आयोजित ओबीसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सैनी ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से सवाल किया कि वे जनता से किए गए वादों में से कितने पूरे कर पाए हैं। उन्होंने मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कदम मजदूरों के साथ मज़ाक जैसा है और सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
सैनी ने कहा कि पंजाब की जनता ने पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत देकर जो भरोसा जताया था, आज सरकार के कामकाज को देखकर वही जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने विधानसभा में लाए गए विश्वास प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन मुख्यमंत्री को अपने चुनावी वादों का हिसाब भी देना चाहिए था।
ओबीसी सम्मेलन में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए सैनी ने इसे “सामाजिक चेतना का विराट संगम” बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि ओबीसी समाज अब अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य को लेकर जागरूक और संगठित हो रहा है, जो आने वाले समय में बड़े सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का आधार बनेगा।
उन्होंने ओबीसी समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ग ने देश को कई महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक इस समाज को वह सम्मान और अवसर नहीं मिला, जिसका वह हकदार था।
केंद्र सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय को न केवल नारे बल्कि नीति के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना एक ऐतिहासिक कदम था, जिससे इस वर्ग को नई ताकत मिली। साथ ही, मेडिकल और उच्च शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण से ओबीसी युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं।
सैनी ने कहा कि भाजपा ने ओबीसी समाज को केवल वोट बैंक नहीं माना, बल्कि नेतृत्व के अवसर देकर सशक्त बनाया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार में 27 ओबीसी मंत्री हैं और भाजपा शासित कई राज्यों में ओबीसी वर्ग के मुख्यमंत्री हैं, जो इस समाज के बढ़ते प्रतिनिधित्व का प्रमाण है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने ओबीसी समाज से अपील की कि वे भाजपा से जुड़कर पार्टी को पंजाब में मजबूत बनाएं और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से घर-घर पार्टी की विचारधारा पहुंचाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की वर्तमान सरकार ओबीसी समाज के साथ अन्याय कर रही है, जिसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।