2026-05-02 02:20:23
पंजाब / भव्य खबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हालिया पंजाब दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसमें उद्योग, राजनीति और भविष्य की रणनीति—तीनों की स्पष्ट झलक देखने को मिली। पंजाब के औद्योगिक शहर मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए सैनी ने सीधे तौर पर उद्योगपतियों से संवाद किया और प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखी।
उद्योगपतियों से सीधा संवाद
मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में उद्योगपति और कारोबारी शामिल हुए। इस दौरान प्रमुख उद्योगपतियों—नारायण सिंगला, महेंद्र गुप्ता, विनोद वशिष्ठ और संजय गर्ग—ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। बैठक में पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा और हरियाणा के पूर्व मंत्री असीम गोयल भी मौजूद रहे।
उद्योगपतियों ने बिजली संकट, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीतिगत अस्थिरता जैसी गंभीर चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि इन समस्याओं के कारण निवेश और कारोबार का माहौल प्रभावित हो रहा है।
पंजाब की स्थिति पर सवाल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब की वर्तमान सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि जहां कुछ राज्य उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए नीतियों को सरल बना रहे हैं, वहीं कुछ सरकारें अभी भी राजनीतिक टकराव में उलझी हुई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के बजाय उन्हें नियमों के जाल में फंसाया जा रहा है, जिससे कारोबारी माहौल कमजोर हो रहा है।
मोदी नेतृत्व पर भरोसा जताने की अपील
सीएम सैनी ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को मजबूत करें। उनका कहना था कि केंद्र में मजबूत नेतृत्व के साथ ही पंजाब को विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर “रंगीला पंजाब” की पहचान को फिर से स्थापित किया जाएगा।
हरियाणा मॉडल को किया प्रस्तुत
सैनी ने हरियाणा के औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में राज्य ने निवेश आकर्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें सिंगल विंडो सिस्टम, सरल नीतियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण हरियाणा आज निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।
इसके साथ ही उन्होंने कई नई पहलों की जानकारी दी, जैसे:
* 45 दिनों में ‘लैंड फीज़िबिलिटी सर्टिफिकेट’ जारी करना
* 1100 से अधिक अनावश्यक नियमों को समाप्त करना
* 10 नए मेगा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करना
* ‘उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद’ का गठन
* एमएसएमई के लिए बीमा योजना और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं
पंजाब के सामने विकल्प
अपने भाषण के अंत में सैनी ने कहा कि पंजाब के सामने आज एक स्पष्ट विकल्प है—एक ओर विकास, स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व है, जबकि दूसरी ओर अस्थिरता और वादाखिलाफी। उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में सोच-समझकर निर्णय लें।
दौरे का व्यापक असर
सीएम सैनी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं था। यह उद्योगपतियों को साधने, हरियाणा मॉडल को प्रस्तुत करने और आगामी चुनावों के संदर्भ में माहौल बनाने की एक रणनीतिक पहल भी माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, इस दौरे ने पंजाब की औद्योगिक चुनौतियों को उजागर करने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं और राजनीतिक संदेश—दोनों को एक साथ सामने रखा।