‘ऑपरेशन नेत्र 1.0’ भारतीय सेना का ऐतिहासिक चिकित्सा अभियान, सैकड़ों लोगों को मिली नई रोशनी

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन नेत्र 1.0’ के तहत लेह स्थित 153 जनरल अस्पताल में चार दिवसीय उन्नत सर्जिकल आई कैंप का सफल आयोजन किया।
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2026-04-30 18:59:12

लद्दाख / भव्य खबर । दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन नेत्र 1.0’ के तहत लेह स्थित 153 जनरल अस्पताल में चार दिवसीय उन्नत सर्जिकल आई कैंप का सफल आयोजन किया। 27 से 30 अप्रैल तक चले इस मेगा अभियान का उद्घाटन 14 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया।

यह पहल उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई। सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, इस अभियान ने यह साबित किया कि सेना केवल देश की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानवीय सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।

इस अभियान के दौरान लद्दाख के सात जिलों और दूरदराज के इलाकों — चुषुल, हानले, दुर्बुक, देमचोक, फुकचे, द्रास, जांस्कर, बटालिक, चुमथांग और तुर्तुक — से आए कुल 950 मरीजों की जांच की गई। विशेषज्ञ टीम, जिसका नेतृत्व ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा ने किया, ने 214 जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कीं। इनमें 197 मोतियाबिंद ऑपरेशन, 10 विट्रियो-रेटिनल प्रक्रियाएं और अन्य उन्नत सर्जरी शामिल रहीं। इस दौरान 15 पूर्ण दृष्टिबाधित मरीजों की आंखों की रोशनी भी बहाल की गई, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धि रही।

इस ऑपरेशन की एक खास उपलब्धि 153 जनरल अस्पताल द्वारा विकसित स्वदेशी “ऑप नेत्र ऐप” का शुभारंभ रहा। यह ऐप मरीजों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल बनाता है, जांच की सटीकता बढ़ाता है और क्यूआर कोड आधारित पहचान के जरिए सर्जरी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है। इससे न केवल मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी कार्य की दक्षता बढ़ी।

यह अभियान देशभर में चल रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत नवंबर 2025 से अब तक 2500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है। इससे पहले उधमपुर, देहरादून, जयपुर, बागडोगरा और गोरखपुर में भी ऐसे कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इस मिशन को सफल बनाने में भारतीय वायु सेना का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों को हवाई मार्ग से लेह पहुंचाकर अभियान को गति दी।

अभियान का समापन एक गरिमामय समारोह के साथ हुआ, जिसमें लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना उपस्थित रहे। इस पूरे अभियान का मार्गदर्शन सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन ने किया।

‘ऑपरेशन नेत्र 1.0’ की सफलता न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह “राष्ट्र प्रथम” की भावना के प्रति सरकार और सेना की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, देश का कोई भी नागरिक जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।

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