2026-05-08 18:45:15
राजस्थान / भव्य खबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की तेज, सटीक और संयुक्त कार्रवाई का प्रमाण है। उन्होंने इसे कम समय में गहराई तक पहुंचकर अंजाम दिया गया उच्च तीव्रता और प्रभाव वाला अभियान बताते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और दुश्मनों को झुकाने की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।
राजनाथ सिंह शुक्रवार को जयपुर में आयोजित संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन के दूसरे संस्करण को संबोधित कर रहे थे। ‘नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में भविष्य के युद्ध, मल्टीडोमेन ऑपरेशंस, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी परिवर्तन जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोनोमस सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स और सुरक्षित संचार नेटवर्क जैसी क्षमताओं को और मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि सूचना प्रभुत्व, साइबर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्रों में एक साथ संचालित अभियानों से तय होंगे।
राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ती संयुक्तता, एकीकरण और तकनीकी समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि नवाचार और बेहतर तालमेल से जीते जाएंगे। उन्होंने कमांडरों से ‘सरप्राइज एलिमेंट’ बनाए रखने और दुश्मन से हमेशा दो कदम आगे रहने का आह्वान किया।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों और प्लेटफॉर्म से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान और स्वदेशी तकनीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी जारी की। इसके अलावा उन्होंने ‘विजन 2047’ के हिंदी संस्करण और संयुक्त संचार संरचना सिद्धांत दस्तावेज का भी विमोचन किया, जिसका उद्देश्य भविष्य के मल्टीडोमेन सैन्य अभियानों में समन्वय और संचार क्षमता को मजबूत करना है।
सम्मेलन में संज्ञानात्मक युद्ध, क्वांटम और एआई आधारित खतरों के खिलाफ साइबर सुरक्षा, उभरते क्षेत्रों में सैन्य क्षमता निर्माण और एआई आधारित युद्ध प्रणाली जैसे विषयों पर गहन मंथन किया गया। इस दौरान इंटेलिजेंस फ्यूजन, ऑपरेशनल प्लानिंग और सूचना प्रबंधन से जुड़े अत्याधुनिक सिस्टम और तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम में जनरल अनिल चौहान, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, राजेश कुमार सिंह, डॉ. समीर वी कामत सहित रक्षा मंत्रालय और सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।