2026-05-06 01:39:02
उत्तर प्रदेश/ भव्य खबर । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित ‘नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026’ के दौरान देश की रक्षा क्षमताओं, स्वदेशी तकनीक और औद्योगिक सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई। तीन दिवसीय इस आयोजन का विषय ‘रक्षा त्रिवेणी संगम - प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैन्य कौशल का संगम’ रखा गया, जिसमें रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योग, स्टार्टअप, सेना और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि भारत की सैन्य शक्ति देश के रक्षा उद्योगों के कारखानों में विकसित हुई है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान में स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों की प्रभावशीलता की स्पष्ट झलक देखने को मिली। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय भारतीय रक्षा बलों के साहस और दृढ़ संकल्प को दिया।
संजय सेठ ने अपने संबोधन में स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि ये देश के भविष्य के विकास की प्रेरक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी और ये “हमारे युग के विश्वकर्मा” हैं।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करने में स्वदेशी उपकरणों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र, नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रक्षा राज्य मंत्री ने रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़ों का जिक्र करते हुए इसे “नए भारत” के उदय का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत न तो किसी पर बुरी नजर रखता है और न ही अपनी संप्रभुता से समझौता करता है। साथ ही उन्होंने उद्योग जगत से तेजी से बदलती तकनीक के बीच नवाचार को लगातार जारी रखने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने भी उद्योग जगत से रक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने की अपील की, ताकि उभरती चुनौतियों के अनुरूप भारतीय सेना को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता और तकनीकी संप्रभुता हासिल होगी।
कार्यक्रम में उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, प्रथम कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के अध्यक्ष अरुण टी रामचंदानी सहित उद्योग जगत के दिग्गज, नवप्रवर्तक, स्टार्टअप्स और शिक्षाविद बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस सिम्पोजियम का उद्घाटन 4 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। आयोजन में निजी क्षेत्र के रक्षा निर्माताओं के 284 स्टॉल लगाए गए, जहां अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इनमें मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी), ड्रोन, काउंटर यूएवी सिस्टम, ऑल-टेरेन व्हीकल, निगरानी उपकरण और अन्य उन्नत रक्षा उत्पाद शामिल रहे।
‘नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026’ ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, औद्योगिक साझेदारी और सैन्य क्षमताओं के समन्वय को एक नई दिशा देने का काम किया, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।