2026-05-12 20:23:20
नई दिल्ली / भव्य खबर। इजरायल-अमेरिका-ईरान वॉर और होर्मुज संकट के चलते चरमराई ग्लोबल सप्लाई चेन ने भारत की पेट्रोलियम इंपोर्ट को खासा प्रभावित किया है. इतना कि प्रधानमंत्री मोदी को देशवासियों से अपील करनी पड़ी. उनके मुताबिक लोग डीजल-पेट्रोल बचाएं, अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करें, कार पूलिंग करें, वर्क फ्राॅम होम करें, सोना कम से कम खरीदें, विदेश यात्रा कम करें, खाद्य तेल का यूज घटाएं, किसान यूरिया खाद कम प्रयोग करें इत्यादि इत्यादि ताकि देश को इन चीजों के आयात पर कम से कम विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़े. इस अपील से जाहिर कि क्रूड ऑयल और एलपीजी क्राइसिस से देश को बड़ा झटका लगा है. इन सब के बीच तेल कंपनियां अपने उपभोक्ताओं का डाटा खंगालने लगी हैं. रसोई गैस ग्राहकों को चेतावनी मैसेज भेजे जा रहे हैं. मैसेज भेजने के हफ्तेभर में कंज्यूमर ने जरूरी कदम नहीं उठाया तो सिलेंडर पर मिलने वाली उसकी सब्सि़डी सरकार बंद कर सकती है. इसके लिए तेल कंपनियों इंडियन ऑयल(इंडेन), भारत पेट्रोलियम(भारत गैस) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम(एचपी गैस) ने बकायदा इनकम टैक्स विभाग से डाटा लिया है और उसकी जांच-पड़ताल के बाद लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं. दरअसल, केंद्र सरकार ने गैस सब्सिडी की पात्रता के लिए एक निश्चित आय सीमा तय कर रखी है. रसोई गैस उपभोक्ता को अपनी या पूरे परिवार की मिलाकर यह सालाना इनकम खुद से डिक्लेयर करनी होती है. तेल कंपनियों का इसके लिए एक फार्मेट है और लोग समय-समय पर ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से अपनी आय घोषित कर सकते हैं. लेकिन देखने में आया है कि कई ग्राहक पात्र नहीं होने के बावजूद गैस सब्सि़डी ले रहे हैं. ऐसे में अब सरकार तय लिमिट से ज्यादा कमाई करने वालों की सब्सिडी बंद करने की तैयारी कर रही है. उन्हें चेतावनी मैसेज भेजा गया है.
सबसे जानिए-क्या मैसेज भेज रही हैं ऑयल कंपनियां
सरकारी कंपनियों की तरफ से लोगों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ज्यादातर मैसेज अंग्रेजी में हैं, जिसका लब्बोलुआब इस प्रकार है.
डियर एलपीजी कंज्यूमर
उपलब्ध इनकम टैक्स रिकॉर्ड के मुताबिक आपकी(या फिर एक रसोई गैस कनेक्शन पर निर्भर सभी पारिवारिक सदस्यों की) कुल कर योग्य आय निर्धारित लिमिट(10 लाख रुपए वार्षिक) से अधिक है. यदि आप इस पर आपत्ति करना चाहते हैं, तो कृपया इस मैसेज के मिलने के 7 दिनों के भीतर टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क करें या अपने गैस कनेक्शन वाली तेल कंपनी के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। अगर तय समयसीमा में आपके तरफ से कोई रिस्पाॅन्स प्राप्त नहीं होता है, तो आपकी एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है.
घरेलू गैस कनेक्शन पर सब्सिडी की क्या है एलिजिबिलिटी
फिलहाल केवाईसी व अन्य जरूरी कागजी प्रक्रिया के बाद नया गैस कनेक्शन लिया सकता है. अगर कंज्यूमर या उसके परिवार की सम्मिलित आय सालाना 10 लाख रुपए से अधिक नहीं है तो वह रसोई गैस सिलेंडर पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी के लिए हकदार है. हर पात्र उपभोक्ता साल में सब्सिडी वाले ऐसे 12 सिलेंडर ले सकता है. आजकल प्रत्येक सिलेंडर पर केंद्र सरकार लगभग 300 रुपए की छूट दे रही है, इससे एक आम ग्राहक को 900 से 950 रुपए के आसपास की गैस पड़ती है. सरकार यह सब्सि़डी तेल कंपनियों को भुगतान करती है, वहीं पीएम उज्जवला योजना(पीएमयूवाई) के कनेक्शन वालों को तकरीबन इतनी ही अतिरिक्त सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजी जाती है.