भारतवियतनाम रक्षा सहयोग को नई मजबूती, राजनाथ सिंह और फान वान जियांग के बीच हुई अहम वार्ता

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वियतनाम के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री फान वान जियांग के बीच मंगलवार को हनोई में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
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2026-05-19 22:22:10

वियतनाम/ भव्य खबर । भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वियतनाम के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री फान वान जियांग के बीच मंगलवार को हनोई में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम के बढ़ते रक्षा संबंधों की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण तथा क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और स्वतंत्र आवागमन के महत्व पर जोर दिया।

वार्ता के दौरान सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, साइबर सुरक्षा और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित संवाद, संयुक्त सैन्य अभ्यास और एक्सचेंज कार्यक्रमों को भी विस्तार देने का निर्णय लिया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के साथ भारत की “एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत, वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण में हर संभव सहयोग जारी रखेगा।

वहीं जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर दोनों रक्षा मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में भारतीय सहायता से स्थापित लैंग्वेज लैब का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा राजनाथ सिंह ने न्हा ट्रांग स्थित टेली कम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब स्थापित करने की घोषणा की।

भारत के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग और वियतनाम की टेलीकम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर हुए। इसे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

द्विपक्षीय बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएं देते हुए रक्षा, व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, डिजिटल परिवर्तन और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत करने की बात कही।

दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम संबंधों को साझा सभ्यतागत मूल्यों, आपसी विश्वास और रणनीतिक हितों पर आधारित मजबूत मित्रता बताया। राष्ट्रपति तो लाम ने भारत यात्रा को याद करते हुए भारत को वियतनाम के विकास और रणनीतिक प्राथमिकताओं का अहम साझेदार बताया।

इससे पहले राजनाथ सिंह ने वियतनाम के संस्थापक नेता हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती पर उनके समाधि स्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हो ची मिन्ह का नेतृत्व, दृष्टिकोण और वैश्विक एकजुटता के प्रति समर्पण आज भी दुनिया को प्रेरित करता है तथा उन्होंने भारत-वियतनाम मित्रता की मजबूत नींव रखी।

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