नितिन नबीन की नई टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन, वसुंधरा राजे से स्मृति ईरानी तक

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने करीब सात महीने बाद अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है। नई टीम में वसुंधरा राजे, राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे अनुभवी चेहरों की वापसी के साथ युवा और नए नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी मिली है। नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ 2027 और 2029 के चुनावों की तैयारियों का संकेत भी दिखाई देता है।
News

2026-08-17 22:36:24



नई दिल्ली/ भव्य खबर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को अपनी बहुप्रतीक्षित नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। जनवरी 2026 में भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के करीब सात महीने बाद घोषित की गई इस टीम में अनुभवी चेहरों की वापसी, युवा नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां, महिलाओं की भागीदारी और क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन पर खास जोर दिखाई देता है।

नितिन नबीन की नई टीम को केवल संगठनात्मक नियुक्तियों की सूची के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे आने वाले चुनावी दौर के लिए भाजपा की रणनीतिक तैयारी के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। नई टीम में एक ओर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और राम माधव जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी हुई है, वहीं दूसरी ओर संगठन में सक्रिय और अपेक्षाकृत नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

नई राष्ट्रीय टीम में वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार, सरदार मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराजा, प्रो. तारिक मंसूर और श्रीमती (डॉ.) मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

वसुंधरा राजे और राम माधव की वापसी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के पास संगठन और सत्ता की राजनीति का लंबा अनुभव है। ऐसे में उन्हें राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी देना यह संकेत देता है कि भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह किनारे करने के बजाय उनके अनुभव का इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है।

राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, डॉ. सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वहीं बी.एल. संतोष राष्ट्रीय संगठन महासचिव के पद पर बने रहेंगे।

स्मृति ईरानी की महासचिव के तौर पर वापसी को अहम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनका आक्रामक राजनीतिक अंदाज और उत्तर प्रदेश में उनकी सक्रियता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। वहीं हरीश द्विवेदी जैसे संगठन से जुड़े नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने जमीनी संगठन को भी महत्व दिया है।

पीयूष गोयल को भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बी.एल. संतोष राष्ट्रीय संगठन महासचिव के पद पर बने हुए हैं। राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी शिवप्रकाश और सौदान सिंह को दी गई है। राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी लखनऊ दुबे को दी गई है, जबकि महेंद्र पांडे को राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री बनाया गया है।

नई टीम में उत्तर-पूर्व के संगठनात्मक विस्तार को भी महत्व दिया गया है। डॉ. संबित पात्रा को नॉर्थ ईस्ट संयोजक और राजीव बब्बर को नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक बनाया गया है। प्रकोष्ठ संकुल संयोजक की जिम्मेदारी विष्णु दत्त शर्मा को दी गई है, जबकि प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक के तौर पर रुद्रराज सिंह और विष्णु वर्धन रेड्डी को जिम्मेदारी मिली है।

भाजपा ने विभिन्न मोर्चों के लिए भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। युवा मोर्चा की जिम्मेदारी गुजरात के डॉ. हेमांग जोशी को, महिला मोर्चा की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी को, ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के अमरपाल मौर्य को और किसान मोर्चा की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के बंसीलाल गुर्जर को दी गई है।

एससी मोर्चा के अध्यक्ष बिहार के शिवेश कुमार राम, एसटी मोर्चा के अध्यक्ष राजस्थान के डॉ. मनलाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के कुंवर बासित अली बनाए गए हैं।

मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्तियों में युवा, महिला, ओबीसी, किसान, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे भाजपा की सामाजिक और क्षेत्रीय पहुंच को मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है।

नई टीम में सोशल मीडिया और डिजिटल संगठन को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अमित मालवीय को राष्ट्रीय सोशल मीडिया/आईटी संगठन की जिम्मेदारी से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। वहीं सोशल मीडिया सह-संयोजक के तौर पर प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को जिम्मेदारी दी गई है।

अमित मालवीय का नई टीम से बाहर होना संगठनात्मक बदलावों में सबसे चर्चित कदमों में से एक है। वहीं दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी देकर भाजपा ने डिजिटल संगठन में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

नई टीम में अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भी दिखाई देती है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर समेत कई राज्यों के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है।

महिलाओं को भी नई राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व दिया गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों और अन्य संगठनात्मक पदों पर महिलाओं को जगह देकर भाजपा ने महिला नेतृत्व और महिला कैडर को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है। वहीं प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान दिया जाना सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

नितिन नबीन की नई टीम के सामने आने वाले समय में कई बड़ी राजनीतिक चुनौतियां होंगी। खास तौर पर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2029 का लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होंगे। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूत करना नई टीम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।

उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा और तारिक मंसूर जैसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना भी पार्टी के राज्य पर विशेष फोकस का संकेत माना जा रहा है। वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दक्षिण भारत के नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह देकर क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है।

नितिन नबीन खुद बिहार की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं। वह बिहार में पांच बार विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनकी नई टीम में संगठनात्मक अनुभव और नई पीढ़ी के नेताओं का संतुलन उनकी कार्यशैली की दिशा को भी दर्शाता है। भाजपा ने जहां वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण भूमिका देकर निरंतरता बनाए रखी है, वहीं युवा नेताओं को आगे बढ़ाकर संगठन में पीढ़ीगत बदलाव की जमीन भी तैयार की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं। उन्होंने नई टीम को संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव का संगम बताया और उम्मीद जताई कि वे पार्टी को मजबूत करने और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

कुल मिलाकर नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में पुराने चेहरों के अनुभव और नए चेहरों की ऊर्जा को साथ रखने की कोशिश दिखाई देती है। वसुंधरा राजे और राम माधव जैसे वरिष्ठ नेताओं की वापसी से जहां संगठन में अनुभव को महत्व दिया गया है, वहीं स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी समेत कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां देकर पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी टीम को सक्रिय करने का संकेत दिया है।

अब इस टीम की असली परीक्षा राज्यों में संगठन को मजबूत करने, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने और 2027 के विधानसभा चुनावों के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में होगी। नितिन नबीन के सामने चुनौती यह भी होगी कि वह नई टीम के जरिए संगठनात्मक स्तर पर अपनी अलग पहचान और प्रभावशीलता साबित करें।

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में नियुक्तियां इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह हटाने के बजाय उनके अनुभव को बनाए रखते हुए नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाया है। ऐसे में यह टीम भाजपा के संगठन में निरंतरता और बदलाव, दोनों के संतुलन की तस्वीर पेश करती है।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@bhavykhabar.com
Copyright© Bhavy Khabar
Powered by DiGital Companion