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प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुखवा में मां गंगा की पूजाअर्चना के बाद जनसभा को किया संबोधित करते हुए कहा की ‘देवभूमि उत्तराखंड आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत, मुखवा आकर मैं धन्य’

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत माणा में हुए हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा, उत्तराखंड की देवभूमि ऊर्जा से ओतप्रोत है... माँ गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल पर आकर यहाँ मैं धन्य हो गया हूँ। माँ गंगा की कृपा से मुझे उत्तराखंड की सेवा करने का मौक़ा मिला है।
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2025-03-06 13:08:18

देहरादून/ भव्य खबर/ रमण श्रीवास्तव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के दौरे पर हैं। पीएम मोदी सुबह जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन निवास पर पूजा-अर्चना की। पीएम मोदी ने मुखवा में बर्फ से ढके पहाड़ों की मनमोहक सुंदरता का भी आनंद लिया और वहां के लोगों का अभिवादन किया। आपको बता दें, मुखवा मां गंगा का शीतकालीन प्रवास व पूजा स्थल है, इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यह मां गंगा की शीतकालीन राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है। समुद्रतल से 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुखवा को शीतकालीन प्रवास स्थल होने के कारण गंगा का मायका भी कहा जाता है। दरअसल प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते जनवरी में दिल्ली दौरे के दौरान पीएम को शीतकालीन यात्रा पर आने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद जब पीएम 28 जनवरी को 38वें नेशनल गेम्स के उद्घाटन के लिए उत्तराखंड आए तो जल्द ही शीतकालीन यात्रा पर आने का वायदा किया था। पीएम मोदी मुखवा में स्थित मुखीमठ में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यहां उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ समय बिताया और मखुवा में पारंपरिक लोक नृत्य का आनंद लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मुखवा में बर्फ से ढके पहाड़ों की मनमोहक सुंदरता का भी आनंद लिया और वहां के लोगों का अभिवादन किया। वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुखीमठ (मुखवा) को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा महत्वपूर्ण है। सीएम धामी ने कहा, “मुखवा में इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर हम सभी गौरवान्वित हैं। राज्य के सभी लोगों की ओर से यशस्वी प्रधानमंत्री का देवभूमि उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। प्रधानमंत्री मोदी हर्षिल पहुंचकर उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी देखेंगे। इसके बाद जादुंग व पीडीए के लिए मोटर बाइक व एटीवी-आरटीवी रैलियों तथा जनकताल एवं मुलिंगला के लिए ट्रैकिंग अभियानों को झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में सभा को संबोधित किया।

अपनी यात्रा से पहले, पीएम मोदी ने पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की हैं।

उत्तराखंड सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। हजारों श्रद्धालु पहले ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के शीतकालीन स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे, पर्यटन व्यवसाय आदि को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड के दौरे पर हैं। इस दौरान पहले पीएम मोदी ने उत्तरकाशी जिले के मुखवा गांव में स्थित मुखीमठ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उसके बाद उन्होंने हर्षिल में ट्रैक और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई और बाद में विशाल जनसभा को संबोधित किया। आपने सम्बोधन में जनसभा को उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की यह देवभूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत है। चारधाम और अनंत तीर्थों का आशीर्वाद इसे प्राप्त है। जीवनदायिनी मां गंगा के इस शीतकालीन गद्दी स्थल पर आज एक बार फिर आकर, आप सब परिवारजनों से मिलकर मैं धन्य हो गया हूं।

पीएम मोदी ने मां गंगा की सेवा को बताया अपना सौभाग्य

उन्होंने मां गंगा की सेवा को अपना सौभाग्य बताया। बोले, “मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है। मैं मानता हूं कि उन्हीं के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा और अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं। इसीलिए मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। कुछ महीने पहले मुझे यह भी अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने मुझे अब गोद ले लिया है। यह मां गंगा की ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखवा गांव आया हूं।

यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कुछ साल पहले जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए बाबा के चरणों में गया था, तो बाबा के दर्शन-अर्चन के बाद मेरे मुंह से अचानक कुछ भाव प्रकट हुए थे और मैं बोल पड़ा था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। वो शब्द मेरे थे, भाव मेरे थे लेकिन उनके पीछे सामर्थ्य देने की शक्ति स्वयं बाबा केदारनाथ ने दी थी। मैं देख रहा हूं कि बाबा केदार के आशीर्वाद से धीरे-धीरे वो शब्द, वो भाव हकीकत में बदल रहे हैं। यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है।

उत्तराखंड को विकसित बनाने के लिए डबल इंजन सरकार कर रही काम

उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड, आधुनिक एक्सप्रेस वे, राज्य में रेलवे, विमान और हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तेजी से हुआ है। अभी कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। केदारनाथ रोपवे बनने के बाद जो यात्रा 8 से 9 घंटे में पूरी होती है, अब उसे लगभग 30 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा। इससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए केदारनाथ यात्रा और सुगम हो जाएगी।

टूरिज्म उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी

उन्होंने आगे कहा कि टूरिज्म उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी है। मैं चाहता हूं कि उत्तराखंड में कोई भी सीजन ऑफ सीजन न हो, हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे। उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या इस एक दशक में तेजी से बढ़ी है। 2014 से पहले चारधाम यात्रा पर हर साल औसतन 18 लाख यात्री आते थे। अब हर साल लगभग 50 लाख तीर्थयात्री आने लगे हैं। यहां सर्दियों में पर्यटन के दौरान ट्रैकिंग और स्कीइंग जैसी रोमांचक गतिविधियां होती हैं, जो वाकई एक रोमांचक अनुभव है।

उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा के लिए भी सर्दी एक खास समय

उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा के लिए भी सर्दी एक खास समय है, क्योंकि इस मौसम में कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां तक कि मुख्य गांवों में भी आप धार्मिक समारोह देख सकते हैं, जो हमारी प्राचीन और अनूठी परंपराओं का अभिन्न अंग हैं। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों को भी पर्यटन का विशेष लाभ मिले। पहले सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव कहा जाता था। लेकिन हमने यह सोच बदल दी, हमने कहा कि यह आखिरी नहीं, हमारे प्रथम गांव हैं। उनके विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम शुरू किया गया। इस क्षेत्र के भी 10 गांव इस योजना में शामिल किए गए हैं।

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