2025-03-24 16:32:09
नई दिल्ली/ भव्य खबर/ रमण श्रीवास्तव । एनडीडीबी ने “कृत्रिम मेधा के युग में विकसित भारत की हिंदी” विषय पर राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया जिसमे संकाय-सदस्य के रूप में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति-लब्ध भाषाविद् डॉ. गिरीश नाथ झा, प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एवं पूर्व अध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली से उपस्थित रहे। इनके अलावा, इस कार्यशाला में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), आणंद के सदस्य सचिव डॉ. पी. बालमुरूगन, नराकास के विभिन्न सदस्य कार्यालयों के राजभाषा अधिकारी व कार्मिक और एनडीडीबी, आणंद एवं एनडीडीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों एवं प्रशिक्षण केन्द्रों के कार्मिक ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे। उक्त कार्यशाला में डॉ. झा ने कृत्रिम मेधा (AI) के माध्यम से सर्व-समावेशी हिंदी के संवर्धन में मूल संस्कृत के शब्दों की उपयोगिता और उच्च शिक्षा के माध्यम के रूप में हिंदी को बढ़ावा देने, हिंदी में शैक्षणिक प्रौद्योगिकी और भाषा प्रौद्योगिकी के विकास की आवश्यकता और इस दिशा में जारी कार्यों पर प्रेरक एवं सारगर्भित मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला के प्रश्नोत्तर सत्र में कार्मिकों ने हिंदी में AI के भविष्य की रूपरेखा व विकसित भारत में हिंदी के बढ़ते प्रयोग के बारे में प्रश्न पूछे। इसके अलावा, डॉ. गिरीश नाथ झा, संकाय-सदस्य; डॉ. पी. बालमुरूगन, सदस्य सचिव, नराकास, आणंद एवं नराकास के सदस्य कार्यालयों के कार्मिकों ने एनडीडीबी की डिजिटल गैलरी ‘’परिक्रमा’’ का भ्रमण किया।