SBFC फाइनेंस लिमिटेड पर 1,000 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप

पूर्व कर्मचारी ने दर्ज कराई FIR, साकेत कोर्ट ने मांगा जवाब
News

2026-04-14 18:23:04

नई दिल्ली/ भव्य खबर / रमण श्रीवास्तव। देश की जानी-मानी वित्तीय कंपनी SBFC फाइनेंस लिमिटेड एक बड़े कानूनी विवाद में घिरती नजर आ रही है। कंपनी के ही एक पूर्व कर्मचारी, सुनील गुप्ता, ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के साकेत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपों के अनुसार, कंपनी ने उनके फर्जी हस्ताक्षरों (Forged Signatures) का उपयोग करके लगभग 29,000 फर्जी मध्यस्थता मामले (Arbitration Cases) दायर किए और इनके आधार पर बाजार से करीब 1,000 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता सुनील गुप्ता, जो 22 जून 2023 को कंपनी में शामिल हुए थे, ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपने RBI और IPO लॉन्च के दौरान अपनी लीगल बैकग्राउंड को मजबूत दिखाने के उद्देश्य से उनके हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया। इन फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए दिल्ली और अन्य राज्यों में हजारों निष्पादन आदेश (Execution Orders) प्राप्त किए गए, जिनके आधार पर बड़े पैमाने पर रिकवरी की गई।

अदालती कार्रवाई और पुलिस जांच:

सुनील गुप्ता ने इस संबंध में 22 अक्टूबर 2025 को संबंधित पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साकेत कोर्ट, दिल्ली ने संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस से इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत जवाब (Status Report) मांगा है।

धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप:

शिकायत में कंपनी के कुछ उच्च अधिकारियों के शामिल होने की बात भी कही गई है। यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह न केवल बैंकिंग नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हजारों कर्जदारों और निवेशकों के साथ भी बड़ी धोखाधड़ी है। दिल्ली पुलिस अब इस मामले में जालसाजी (Forgery) और धोखाधड़ी (Cheating) की विभिन्न धाराओं के तहत बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

शिकायतकर्ता सुनील गुप्ता ने दिल्ली के साकेत कोर्ट में SBFC फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के MD, CEO, कार्यकारी निदेशक, सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों पर केस दर्ज करने की बात कही है: जिनमें ये सभी प्रमुख नाम है - असीम ध्रु (MD और CEO), महेश दयानी (कार्यकारी निदेशक), विक्रम सेठ (उपाध्यक्ष और कानूनी प्रमुख), नारायण बरासिया (CFO- SBFC), राजीव ठक्कर (CRO- SBFC), संकेत अग्रवाल (मुख्य रणनीति अधिकारी), सुमीत घई (मुख्य मानव संसाधन अधिकारी- SBFC), गणेश वैद्य (मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी- SBFC), नम्रता सजनी (CS और मुख्य अनुपालन अधिकारी- SBFC), नीरज स्वरूप (स्वतंत्र अध्यक्ष- SBFC), राजेश मन्नालाल अग्रवाल (स्वतंत्र निदेशक- SBFC), सुरेखा मरांडी (स्वतंत्र निदेशक- SBFC), जॉन मेस्कॉल (नामित निदेशक- SBFC), जोनाथन टैटुर (नामित निदेशक- SBFC), कोनी उत्तम नायक (स्वतंत्र निदेशक- SBFC), रवि वेंकटरमण (स्वतंत्र निदेशक- SBFC), लेरॉय जेम्स लांगेवेल्ड (नामित निदेशक- SBFC), अजय आशितकर (शिकायत निवारण अधिकारी- SBFC), अग्निवेश कुमार (प्रधान नोडल अधिकारी- SBFC), साई प्रशांत मेनन (मुख्य संग्रह अधिकारी- SBFC), विनय वैद्य (राष्ट्रीय क्रेडिट प्रमुख- SBFC) और M/S सोंधी एंड पार्टनर्स।

वहीं आपको बता दे की हमने जब इस विषय पर कंपनी का पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया तो कोई आधिकारिक तौर पर बताने को तैयार नहीं हुए।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@bhavykhabar.com
Copyright© Bhavy Khabar
Powered by DiGital Companion