2026-05-19 22:43:10
नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी में महिलाओं की सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की महत्वाकांक्षी ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
सरकार का कहना है कि यह आंकड़ा न केवल योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि महिलाओं के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे और उनकी सक्रिय भागीदारी का भी प्रमाण है। राजधानी के विभिन्न रिहायशी इलाकों और सरकारी कार्यालयों में कार्ड बनाने के लिए लगातार विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को आसानी से यह सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ सिर्फ मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त यात्रा अनुभव प्रदान करने का माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक परिवहन सुरक्षित, सुलभ और तकनीक आधारित होता है, तब महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर स्वतः बढ़ते हैं। यह योजना महिलाओं को सुविधा देने के साथ-साथ आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का एहसास भी करा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह महिला हितैषी, स्मार्ट और विश्वस्तरीय बनाना है। डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीक के जरिए परिवहन सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिंक कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए पूरे दिल्ली में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न कॉलोनियों, आवासीय क्षेत्रों और सरकारी दफ्तरों में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां महिलाओं का आसानी से कार्ड बनाया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ एनसीएमसी आधारित ‘टैप-एंड-गो’ तकनीक पर आधारित है। इसके जरिए महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। अब यात्रियों को कागजी टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होती। ईटीएम मशीन पर कार्ड टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाती है।
सरकार के अनुसार यह स्मार्ट कार्ड भविष्य में मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी भुगतान आधारित उपयोग के लिए सक्षम होगा। कार्ड को ऑनलाइन रिचार्ज करने और यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड देखने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है।
यह योजना दिल्ली की 5 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए उपलब्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा से महिलाओं को हर महीने लगभग 1,200 से 2,400 रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और प्रभाव दोनों और अधिक बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्मार्ट और सम्मानजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।