2025-03-18 15:58:45
नई दिल्ली/ भव्य खबर/ रमण श्रीवास्तव। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली को ‘मिनी इंडिया’ के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि विधायकों को राजधानी के निवासियों के सामाजिक कल्याण के प्रति अपने विचार और दृष्टिकोण विकसित करने चाहिए. ओम बिरला ने यह भी उल्लेख किया कि विधायकों को जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है. बिरला ने कहा कि दिल्ली की जनता ने आप सभी को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. हमें जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, चाहे वह स्वास्थ्य से संबंधित हो या अन्य किसी क्षेत्र में. विधानसभा में आपकी चर्चा को लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए देश में एक सकारात्मक संदेश देने के लिए होना चाहिए. आपके विचार और दृष्टिकोण सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पित होने चाहिए. दिल्ली की जनता ने आपको विश्वास के साथ यहां भेजा है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिस भवन में आप उपस्थित हैं, उसने स्वतंत्रता के संघर्षों को अपने भीतर समेटा है. उन्होंने बताया कि आपको एक अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है. यह भवन हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों की अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है. हमने न केवल स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव भी रखी. दिल्ली सभी राज्यों की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है और इसे एक मिनी इंडिया के रूप में देखा जाता है. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के तरीकों को समझें. दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही, यहां होने वाली चर्चाएं और संवाद को लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों को एक नया संदेश देने वाला होना चाहिए. विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने नव-निर्वाचित विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा का एक अद्वितीय और समृद्ध इतिहास है, जो इसे अन्य विधानसभाओं से अलग बनाता है. उन्होंने विधायकों को यह सलाह दी कि वे अपनी व्यक्तिगत पहचान को पीछे छोड़ते हुए, अपनी सार्वजनिक छवि को ध्यान में रखते हुए सदन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि विधानसभा में सरकार और विपक्ष की उपस्थिति लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी विधायक आपसी सहयोग से चर्चा करेंगे और दिल्ली के विकास के लिए एकजुट होकर काम करेंगे. नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपने बयान में उल्लेख किया कि दिल्ली विधानसभा में कार्य करना एक महत्वपूर्ण दायित्व है. उन्होंने विजेंद्र गुप्ता के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि इतिहास में लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय, विठ्ठलभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू जैसे महान नेता भी ऐसे सदनों का हिस्सा रहे हैं. हालांकि, उन समयों में निर्णय लेने की क्षमता सीमित थी. दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि नए सदस्यों को सदन की नियम पुस्तिका का अध्ययन अवश्य करना चाहिए. दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 24 से 28 मार्च तक आयोजित होगा, जिसमें 25 मार्च को बजट प्रस्तुत किया जाएगा.