हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 दो दिवसीय मंथन से उभरी उद्योग और नवाचार की नई दिशा

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठकों में हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक भविष्य की रूपरेखा को स्पष्ट करते हुए निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को केंद्र में रखा।
News

2026-04-23 20:12:03

नई दिल्ली भव्य खबर । नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठकों में हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक भविष्य की रूपरेखा को स्पष्ट करते हुए निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को केंद्र में रखा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हुई इन बैठकों में देश-विदेश के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हरियाणा औद्योगिक नीति–2026 को लेकर अपने सुझाव साझा किए। इन चर्चाओं में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एवीजीसी-एक्सआर और विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर व्यापक मंथन हुआ।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), आईटी, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों का वैश्विक हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसके लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिनमें पूंजीगत सब्सिडी, कर छूट, कौशल विकास और कारोबार को आसान बनाने के उपाय शामिल होंगे। माइक्रोसॉफ्ट जैसे वैश्विक संस्थान के सहयोग से स्कूलों और तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की भी योजना सामने आई, जिससे युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।

बैठकों के दौरान एवीजीसी-एक्सआर सेक्टर के लिए अलग नीति बनाने पर भी जोर दिया गया। उद्योग विशेषज्ञों ने ई-स्पोर्ट्स, इनक्यूबेशन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की आवश्यकता बताई, ताकि स्टार्टअप्स और युवा प्रतिभाओं को मंच मिल सके। इसके अलावा, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में वेयरहाउस स्थापित करने और आईटीआई संस्थानों को उद्योगों के साथ जोड़ने जैसे सुझाव भी सामने आए।

दूसरे दिन की बैठक में टेक्सटाइल उद्योग पर विशेष फोकस रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश की सबसे पुरानी और आम लोगों से जुड़ी उद्योगों में से एक है। पानीपत और फरीदाबाद जैसे जिले देश के प्रमुख निर्यात केंद्र हैं, लेकिन वर्तमान समय में इस क्षेत्र को विशेष सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, हिसार सहित अन्य टेक्सटाइल हब से जुड़े उद्योगों की समस्याओं पर अलग से विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि नीति में उनके अनुरूप समाधान शामिल किए जा सकें।

बैठकों में विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी निवेश और विस्तार को लेकर रुचि दिखाई। एयर वाटर इंडिया ने रोहतक या बावल में 200 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल ऑक्सीजन और वाटर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक भूमि और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वेलस्पन इंडिया ने डेटा सेंटर सहित अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार करने की इच्छा जताई, वहीं गौतम सोलर ने 2028 तक सोलर और संबद्ध क्षेत्रों में कई नई परियोजनाएं शुरू करने की योजना साझा की।

फार्मा, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपतियों ने भी नीति को लेकर अपने सुझाव दिए, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने सभी उद्योगों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

इन दो दिनों की बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि हरियाणा सरकार एक संतुलित और दूरदर्शी औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है, जो पारंपरिक उद्योगों जैसे टेक्सटाइल को मजबूती देने के साथ-साथ आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एवीजीसी-एक्सआर जैसे भविष्य के क्षेत्रों को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@bhavykhabar.com
Copyright© Bhavy Khabar
Powered by DiGital Companion