हल्दीराम पर छापा वेयरहाउस में मिली 112 किलो पुरानी सोनपापड़ी और राजभोग, 55 लाख का सामान जब्त

लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने हल्दीराम के वेयरहाउस पर छापा मारकर 1 क्विंटल से अधिक एक्सपायर्ड मिठाइयां नष्ट की हैं। इसके साथ ही शहर भर में 55 लाख रुपए का मिलावटी खोया और मसाला सीज कर जांच के लिए लैब भेजा गया है।
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2026-03-01 16:30:56

लखनऊ/ भव्य खबर। होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ में जो खुलासा हुआ है उसने सभी को हैरान कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक बड़े अभियान के तहत देश के मशहूर ब्रांड हल्दीराम के वेयरहाउस सहित शहर के कई कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में हल्दीराम के स्टॉक से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड मिठाइयां बरामद हुई हैं। कथित तौर पर इन मिठाइयों को होली के बाजार में खपाने की तैयारी थी।

हल्दीराम के वेयरहाउस में मिली जहरीली मिठास लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित हल्दीराम के मुख्य स्टोरेज में जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम पहुंची तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। जांच के दौरान करीब 112 किलो ऐसी सोनपापड़ी और राजभोग बरामद हुए जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। होली के त्योहार पर लोग चाव से मिठाइयां खरीदते हैं और ऐसे में इतने बड़े ब्रांड के यहां एक्सपायर्ड माल मिलना ग्राहकों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ माना जा रहा है। जब्त की गई मिठाई की कीमत करीब 45 हजार रुपए आंकी गई है जिसे टीम ने मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर नष्ट करवा दिया।

55 लाख का मिलावटी मसाला और खोया सीज खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ हल्दीराम तक सीमित नहीं रही। टीम ने ऐशबाग स्थित स्वरूप कोल्ड स्टोरेज में भी छापा मारा। यहां से 8499 किलो काली मिर्च और भारी मात्रा में खोया बरामद किया गया। पूरे शहर में हुई इस छापेमारी में कुल मिलाकर 10415 किलो खाद्य पदार्थ सीज किए गए हैं जिनकी बाजार में कीमत 55.91 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। विभाग ने पनीर, गुझिया, सौंफ और रंगीन पापड़ के नमूने भी लिए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है।

रंगीन पापड़ और कचरी बन सकते हैं कैंसर की वजह छापेमारी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ टीम ने सीतापुर रोड और मड़ियांव इलाके में लोगों को जागरूक भी किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि होली पर बाजार में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनमें प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये रंग पेट की बीमारियों, बच्चों में एलर्जी और लंबे समय में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले में बिकने वाले मिलावटी सामान से बचें।

सैंपल फेल होने पर होगी जेल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि हल्दीराम के वेयरहाउस से लिए गए रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेठा और गुझिया के नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ में इतनी बड़ी मात्रा में नकली मावा और एक्सपायर्ड मिठाई मिलने के बाद अब प्रशासन ने पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी है।

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