हरियाणा में जनगणना 2027 की शुरुआत डिजिटल स्वगणना से जुड़े नागरिक, विकास की नई नींव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दर्ज किए स्व-गणना के आंकड़े, 16 से 30 अप्रैल तक चलेगी ऑनलाइन प्रक्रिया
2026-04-16 14:17:43
हरियाणाभव्य खबर । हरियाणा में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का औपचारिक आगाज़ हो चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं स्व-गणना के आंकड़े दर्ज कर इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की। बुधवार सुबह से ही प्रदेशभर में स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी।
जनगणना: विकास की आधारशिला
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि “विकसित हरियाणा, विकसित भारत” की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं और हरियाणा गठन के बाद छठी जनगणना है, जो राज्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया
जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा दी गई है, जबकि दूसरा चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें अधिकारी घर-घर जाकर डेटा एकत्रित करेंगे।
डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता पर जोर
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा सके। इसके लिए सरकार ने se.census.gov.in नामक पोर्टल भी शुरू किया है, जहां नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और ease of living के विजन को मजबूत करती है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार की सही और सटीक जानकारी दर्ज करें, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
हरियाणा में जनगणना 2027 की शुरुआत न केवल आंकड़ों का संग्रह है, बल्कि यह भविष्य की नीतियों, योजनाओं और विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल स्व-गणना के जरिए सरकार ने नागरिकों को इस प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाया है, जो एक सशक्त और विकसित समाज की ओर संकेत करता है।