2026-04-16 18:26:06
चंडीगढ़/ भव्य खबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए कहा कि जनगणना एक निश्चित अवधि के बाद होने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका डाटा पूरी तरह सरल, सुरक्षित और गोपनीय होता है। यह डाटा विभिन्न वर्गों के लिए योजनाएं बनाने तथा भविष्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री आज स्व-गणना करने के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का शीर्ष वाक्य “हमारी जनगणना, हमारा विकास” है, जो इस अभियान के महत्व को दर्शाता है।
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना और परिसीमन दो अलग-अलग विषय हैं। परिसीमन का कार्य लंबी अवधि के बाद किया जाता है और यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सार्वजनिक महत्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में भी जनगणना का डाटा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को इसमें सार्थक सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्व—गणना की प्रक्रिया आज से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगी, जबकि 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा जनगणना 2027 की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, जनगणना विभाग हरियाणा के निदेशक ललित जैन, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।