2026-04-13 19:43:47
नोएडा / भव्य खबर । उत्तर प्रदेश के नोएडा और एनसीआर में भारी बवाल की खबरें हैं. नोएडा के फेज-2 में सैलरी की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गया. पुलिस और मजदूरों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसमें कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया और तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया. यहां आक्रोशित भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. मामला सोमवार, 13 अप्रैल की सुबह 9.30 बजे के करीब का है, जहां एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे. पुलिस से नोकझोंक के बाद सैलरी की मांग कर रहे कर्मचारियों का प्रदर्शन कंट्रोल से बाहर हो गया. भीड़ को वहां से तितर-बितर करने के लिए जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो वहां हंगामा और बढ़ गया. यहां वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों ने पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-1 में 84 में श्रमिकों ने गाड़ियों में आग लगाई. पुलिस की 2 गाड़ियां पलट कर उनमें आग लगा दी गई.. हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे हैं. सेक्टर-62 में भी प्रदर्शन शुरू हुआ.
तीन दिन के बाद उग्र हुआ मजदूरों का प्रदर्शन
हम शांति से धरना दे रहे थे। फिर भी पुलिस वालों ने हमें मारना शुरू कर दिया। आज के समय में भी मात्र 10 से 11 हजार रुपये की मंथली सैलरी है। हम घर कैसे चलाएं? नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल समेत एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का मन भर आ रहा है।
वे कम वेतन की दिक्कत से जूझते हुए थक से गए हैं। सोमवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। जब मजदूरों से बात की गई तो कमोबेश सबकी कहानी एक सी है। दसियों साल से काम करने वाले भी मात्र 10 से 12 हजार में काम करने को मजबूर हैं।
श्रमिक बोले, कंपनी के मालिक हमें मशीन समझते हैं। ओवरटाइम का रुपया भी नहीं मिलता। 12-12 घंटे तक काम करने के बाद भी 12 हजार वेतन पाते हैं। आप ही बताइये कि हम गुजारा कैसे करें?
मानक से कम वेतन से हुए परेशान
प्रदर्शन कर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे श्रमिकों से बातचीत करते ही वे फट पड़ रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे बरसों से दुख अब उबलकर कलेजे से बाहर आ रहा है। वे कम वेतन से त्रस्त हैं।बढ़ती महंगाई के बीच अधोमानक सैलरी और ठेकेदारों के चंगुल में उलझे श्रमिक प्रदर्शन कर अपना वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जो कंपनी खुली मिली, वहां किया हमला
इस बीच नोएडा के फेस टू के हाजरी कंपलेक्स में जो भी फैक्ट्री आज खुली दिखी या संचालित मिली, उसमें तोड़फोड़ की गई। श्रमिकों के पीछे छुपे अराजक तत्वों ने ऐसी कंपनियों में घुसकर उत्पात मचाते हुए संपत्ति को क्षति पहुंचाया। इस बीच भाजपा नेता संजय बाली की फैक्ट्री भी चलती देख, श्रमिक उसमें अंदर घुस गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से बात चित में कहा कि मैं एक निजी कंपनी में काम करती हूं। हमें बहुत कम सैलरी दी जा रही है। हम ज्यादा सैलरी चाहते हैं। जब हम धरना दे रहे थे, तो बिना किसी गलती के हमें पीट दिया गया। सिलिंडर, सब्जी और हर चीज महंगी हो गई है। आज जब हम प्रदर्शन कर रहे थे, तब भी हमें पीटा गया। मेरे पैरों पर लात मारी गई। मैं मांग करती हूं कि हमें 20,000 रुपये मासिक सैलरी दी जाए। तभी हमारा गुजारा चल पाएगा, वरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
ठेकेदारों ने भी कर रखा है त्रस्त
वहीं, एक अन्य महिला श्रमिक ने कहा कि अच्छा है, हम लोग तो रोज परेशान होते हैं। कम से कम इस प्रदर्शन से कंपनी के अधिकारियों तक हमारी बात तो पहुंचेगी। हो सकता है कि हमारी कुछ सैलरी बढ़ जाए। हम भी अपना घर आसानी से चला सकें। वहीं, एक सिक्योरिटी गार्ड ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, श्रमिकों का हाल बहुत बुरा है। हम लोगों को भी कोई अच्छा वेतन नहीं मिलता। हम लोग 12 घंटे काम करते हैं। सैलरी 12 हजार मिलती है। ठेकेदार हमें एक बार नौकरी पर लगाकर हर महीने रुपया लेते रहते है।
शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक व उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। औद्योगिक शांति एवं श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नवीन श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों के हित में न्यूनतम वेतन की गारंटी, समय पर पूरा वेतन भुगतान, समान कार्य-समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, ईपीएफ व ईएसआइ, ग्रेच्युटी, असंगठित व गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा जैसे कई नियम ला रहे हैं। इसके अलावा रोजगार सुरक्षा, छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश, महिला श्रमिकों के लिए प्रविधान व शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।
कंट्रोल रूप के नंबर को करें डायल
जिलाधिकारी मेधा रूपम आश्वस्त किया कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कारखाना प्रबंधन को निर्देश दिया कि शासन द्वारा गाइडलाइंस को प्रत्येक इकाई के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा करें। श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कारखाना प्रबंधन जल्द सौहार्दपूर्ण संवाद स्थापित कर शासन की गाइडलाइंस के अनुरूप समुचित जानकारी उपलब्ध कराए। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे चालू रखें।
आपको बता दे कि ये मजदूर लगातार 3 दिन से सैलरी को लेकर बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. लेबर एक्ट के तहत जो हाल ही में बढ़ोतरी हुई थी, उससे मजदूर नाखुश थे. तीन दिन से मजदूरों की पुलिस और प्रशासन से बातचीत चल रही थी लेकिन आज अचानक से मजदूर उग्र हुए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. आक्रोशित भीड़ ने सड़कों और वाहनों में आग लगाई, इमारतों के कांच तोड़े और पुलिस पर पथराव भी किया. बचाव में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. तीन दिन से मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन प्रदर्शन उग्र होता चला गया. डीएम और पुलिस अधिकारी लगातार लोगों से बात कर रहे थे. उन्हें आश्वासन दिया जा रहा था कि वेतन से जुड़ी सभी समस्याएं सुलझा ली जाएंगी, लेकिन कल डीएम, पुलिस कमिश्नर और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने वार्ता की थी, उसी समय मजदूरों में असहमति दिखने लगी थी.
सरकार ने जनपद में शांति व्यवस्था बनाने के लिए कंट्रोल रूम के दूरभाष
नंबर-1202978231, 1202978232, 1202978862, 1202978702 पर औद्योगिक इकाइयां व श्रमिक किसी भी समस्या की सूचना दे सकते हैं।