2026-04-06 16:08:19
पटना/ भव्य खबर/ रमण श्रीवास्तव। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में रविवार को पटना में आयोजित महादेवी वर्मा सम्मान समारोह ने सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक एकजुटता का एक प्रभावशाली उदहरण प्रस्तुत किया। देश ही नहीं अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कायस्थ समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संख्या में कम होने के बावजूद इस समाज ने राष्ट्र और समाज की प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह समाज सदियों से शिक्षा, प्रशासन और बौद्धिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। शिक्षा के प्रसार तथा समाज में बौद्धिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उउन्होंने कहा कि कायस्थ समाज और महादेवी वर्मा के योगदान को एक साथ देखने पर यह स्पष्ट होता है कि जहां एक ओर समाज ने ज्ञान और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई, वहीं महादेवी वर्मा ने साहित्य और विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की। समारोह में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री श्रवण कुमार, रामकृपाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व मंत्री श्याम रजक, मनोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर अमेरिका, नेपाल समेत भारत के अनेक प्रदेशों की 26 विभूतियों को महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान क 2026 से सम्मानित किया गया, जिनमें गिरीश चन्द्र लाल, कानून मेजर जनरल अनुज माथुर, राष्ट्रीय सुरक्षा, विजय प्रकाश, रों श्याम जी सहाय को महादेवी वर्मा शिखर क सम्मान से सम्मानित किया गया है। अन्य 22 . अवॉर्ड लेने वालों में कुमकुम गौड़, (रांची), श्वेतांक शैलकवाल, (उत्तर प्रदेश), डॉ सरिता श्रीवास्तव, (रायपुर) 4. डॉ सुनील कुमार चम्पारणी, ( चम्पारण), उदय श्रीवास्तव, (मुंबई), अरविन्द कुमार, अप्रवासी उधमी गौतम आजाद, मुंबई), रंजीत कर्ण, राजनीति (नेपाल), रंजन राज श्रीवास्तव,, उधमी (नेपाल) अवनीश श्रीवास्तव, कानून ( दिल्ली), प्रो, रणविजय सिन्हा, शिक्षा (पटना), सुशील भारती, पत्रकारिता (झारखंड), संतोष सुमन, पत्रकारिता (पटना), रीना सोपम, पत्रकारिता (पटना), डॉ रीता दास, कला संस्कृति (पटना), डॉ उर्मिला श्रीवास्तव, कला संस्कृति (उत्तर प्रदेश), डॉ उर्वशी श्रीवास्तव, साहित्य ( कोलकाता), डॉ निशा पराशर, कला संस्कृति (पटना), सुभाषिनी स्वरूप, साहित्य (बंगलुरू), डॉ शिखा भटनागर, शिक्षा (हैदराबाद), 21. डॉ० मुकेश कुमार सिंह, वैश्विक विधिक सम्मान (नेपाल) 22. डॉ भवानी शारदे, कला संस्कृति (पटना) आदि थे।
कायस्थ समाज का राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कायस्थ समाज ने सीमित संख्या बल के बावजूद राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह समाज आज भी अपनी बौद्धिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के माध्यम से देश और समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस परंपरा को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कायस्थों ने हमेशा समाज को दिशा देने का कार्य किया है और हर दौर में चौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया है। उनके अनुसार राजनीति से लेकर कला, संस्कृति, कानून, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता और पत्रकारिता जैसे सभी क्षेत्रों में कायस्थ समाज की सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी रही है, जो इसे विशिष्ट बनाती है।
संगठन आज विश्व के 26 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है : राजीव रंजन प्रसाद
जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि संगठन आज विश्व के 26 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है और भारत के अधिकांश राज्यों में इसका विस्तार हो चुका है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार अभिषेक ने कहा कि यह सम्मान समारोह समाज को उन विभूतियों को पहचान देने का प्रयास है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज को गौरवान्वित किया है। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कमाल किशोर ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 26 हस्तियों को सम्मानित किया गया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।