2026-04-19 16:31:00
नई दिल्लीभव्य खबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल 2026 तक जर्मनी की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।
यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री जर्मनी के अपने समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और वहां की सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने, सैन्य-से-सैन्य संबंधों को मजबूत करने तथा साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में नए अवसरों की तलाश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में “डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप” और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था (Implementing Arrangement) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच चल रही रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा करने और रक्षा उद्योगों के बीच नए सहयोग के अवसरों की पहचान करने का भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। इसके अलावा, राजनाथ सिंह जर्मनी के प्रमुख रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि “मेक इन इंडिया” पहल के तहत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
गौरतलब है कि किसी भारतीय रक्षा मंत्री की जर्मनी यात्रा सात वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले फरवरी 2019 में निर्मला सीतारमण ने जर्मनी का दौरा किया था। वहीं, बोरिस पिस्टोरियस जून 2023 में भारत आए थे और उन्होंने राजनाथ सिंह के साथ विस्तृत वार्ता की थी।
भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। हाल के वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करना तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देना है।