2026-04-18 12:29:23
हरियाणाभव्य खबर । 10 मई मतदान, 13 मई तक निगरानी; जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक संभालेंगे पूरी चुनावी प्रक्रिया
हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने आगामी 10 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था का ऐलान किया है। इस दिशा में आयोग ने जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है, जो चुनाव प्रक्रिया के हर चरण पर कड़ी नजर रखेंगे।
आयोग द्वारा वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और एचसीएस अधिकारियों को डिम्ड डिपुटेशन पर नियुक्त किया गया है। इन्हें अंबाला, पंचकूला, सोनीपत समेत विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है, ताकि चुनावी गतिविधियों की जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
जनरल पर्यवेक्षक: प्रक्रिया पर सीधी निगरानी
जनरल पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त वरिष्ठ आईएएस/एचसीएस अधिकारी आयोग के प्रतिनिधि के तौर पर कार्य करेंगे। इनके जिम्मे ईवीएम और मतदान कर्मियों का रैंडमाइजेशन, नामांकन प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच और मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा। साथ ही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों की सीधी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।
पुलिस पर्यवेक्षक: कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात आईपीएस/एचपीएस अधिकारी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। ये मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का आकलन, पुलिस और होमगार्ड की तैनाती, शराब और हथियारों पर प्रतिबंध के आदेशों का पालन तथा रैली और लाउडस्पीकर की अनुमति की निगरानी करेंगे।
व्यय पर्यवेक्षक: खर्च पर सख्त नजर
चुनाव में धनबल के इस्तेमाल को रोकने के लिए व्यय पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका होगी। डीईटीसी अधिकारी के रूप में नियुक्त ये पर्यवेक्षक प्रत्याशियों के दैनिक खर्च का रिकॉर्ड जांचेंगे, फ्लाइंग स्क्वॉड और निगरानी टीमों के साथ समन्वय करेंगे और अवैध नकदी या उपहारों के वितरण पर रोक सुनिश्चित करेंगे।
मतगणना तक रहेगी तैनाती
सभी पर्यवेक्षक 13 मई 2026 को मतगणना प्रक्रिया पूरी होने तक अपने-अपने जिलों में तैनात रहेंगे। आम नागरिकों की सुविधा के लिए इनके संपर्क विवरण और ठहरने के स्थान स्थानीय समाचार पत्रों और जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत सीधे दर्ज कर सके।