2026-04-22 16:54:07
नई दिल्ली/ भव्य खबर । नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित यह उच्च स्तरीय बैठक हरियाणा के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग जगत से सीधे सुझाव प्राप्त करना था।
उद्योग जगत से संवाद: नीति निर्माण की नई सोच
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए निवेशकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। यह पहल “नीति निर्माण में सहभागिता” की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिससे उद्योगपतियों की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों को समझकर उन्हें नीति में शामिल किया जा सके।
निवेश को बढ़ावा और सरल वातावरण पर जोर
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को एक ऐसा औद्योगिक केंद्र बनाना है जहां निवेशकों को पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद माहौल मिले। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति देश और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक नीतियों का अध्ययन करके तैयार की गई है। इसके जरिए “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।
औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विस्तार
बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। अंबाला और नारायणगढ़ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही जापानी कंपनियों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना भी सरकार के अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को दर्शाती है।
बड़े निवेश प्रस्ताव: उद्योगों का बढ़ता विश्वास
बैठक में कई प्रमुख कंपनियों ने हरियाणा में निवेश की योजनाएं प्रस्तुत कीं।
कॉन्टिनेंटल एजी की भारतीय इकाई द्वारा मानेसर में इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया गया।
पैनासोनिक ने झज्जर स्थित अपने एसी प्लांट का विस्तार कर उत्पादन को चार गुना बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
ये प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि हरियाणा निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।
निर्यात और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान
उद्योगपतियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी संरचना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में नई संभावनाएं
Israel Aerospace Industries ने भारत में लगभग 3000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की, जिसमें हरियाणा भी संभावित स्थानों में शामिल है। यह निवेश “मेक इन इंडिया” पहल को मजबूती देने के साथ-साथ राज्य को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान दिला सकता है।
नवाचार और तकनीकी विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से अनुसंधान एवं विकास (R&D) को प्राथमिकता देने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उनका मानना है कि तकनीकी नवाचार के बिना औद्योगिक विकास अधूरा है, और हरियाणा को इस दिशा में अग्रणी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य का रोडमैप है। नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार उद्योगों के साथ मिलकर एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रही है जो निवेश, रोजगार और नवाचार को एक साथ बढ़ावा दे।
यदि यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है, तो हरियाणा न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है।