2026-04-22 17:02:14
चंडीगढ़/ भव्य खबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रवासी भारतीयों की अहमियत को भी रेखांकित करता है। “हर काम देश के नाम” की भावना के साथ उन्होंने बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
प्रवासी भारतीय: दो देशों के बीच मजबूत सेतु बर्लिन में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने लगभग 3 लाख भारतीय प्रवासियों की सराहना करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच सबसे सशक्त सेतु बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कला जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक सहयोग को और सुदृढ़ करें। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज विश्व स्तर पर भारत की आवाज पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हो गई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया भारत को गंभीरता से सुनती है। यह बदलाव भारत की मजबूत विदेश नीति, आर्थिक प्रगति और वैश्विक सहयोग की दिशा में उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम है। 75 वर्षों के राजनयिक संबंध: विश्वास और साझेदारी की मिसाल जर्मनी के साथ भारत के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होना दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान का प्रतीक है। रक्षा मंत्री ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह साझेदारी आने वाले समय में और अधिक व्यापक और मजबूत होगी। आत्मनिर्भर भारत और विकास की नई दिशा रक्षा मंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों को रेखांकित किया। “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाना, विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। प्रवासी भारतीयों के लिए भरोसा और सुरक्षा राजनाथ सिंह ने दुनिया भर में बसे भारतीयों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार उनके साथ हमेशा खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बर्लिन में हुआ यह संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत और जर्मनी के बीच बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है। प्रवासी भारतीयों की भूमिका इस रिश्ते को मजबूत बनाने में केंद्रीय है। “हर काम देश के नाम” की भावना के साथ दिया गया यह संदेश स्पष्ट करता है कि चाहे भारतीय कहीं भी रहें, उनका योगदान देश की प्रगति और वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाता रहेगा।