सीडब्ल्यूसी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के तेवर महिला आरक्षण, परिसीमन और लोकतंत्र पर उठाए सवाल

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने केंद्र सरकार की नीतियों और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
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2026-04-10 17:21:26

दिल्ली भव्य खबर । दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आज कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की हुई बैठक, बैठक में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीडीसी के सदस्यों को संबोधित किया। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने केंद्र सरकार की नीतियों और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधन देते हुए महिला आरक्षण, प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और संसद सत्र के समय को लेकर सरकार की आलोचना की।

महिला आरक्षण पर सरकार की मंशा पर सवाल- खड़गे ने कहा कि लंबे समय तक चुप रहने के बाद मोदी सरकार अचानक महिला आरक्षण के मुद्दे पर सक्रिय हो गई है। उन्होंने बताया कि 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से विपक्ष को अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया गया है और जानकारी केवल प्रधानमंत्री के एक लेख के माध्यम से सामने आई है।

2029 से लागू करने और सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव- कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार महिला आरक्षण को 2029 के चुनावों से लागू करना चाहती है। इसके साथ ही लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और विधानसभाओं की सीटों में भी इसी अनुपात में वृद्धि का प्रस्ताव है। उन्होंने चेतावनी दी कि परिसीमन (Delimitation) के इस प्रस्ताव के दूरगामी और गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए इस पर गहन चर्चा आवश्यक है।

संसद सत्र के समय पर आपत्ति- खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार संसद सत्र को राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से बुला रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने संसदीय कार्य मंत्री को तीन बार पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, लेकिन सरकार ने इस मांग को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने इसे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप- कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों के कारण कई सांसद अपने क्षेत्रों में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनमाने फैसले लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रही है।

महिला सशक्तिकरण में कांग्रेस की भूमिका- खड़गे ने कहा कि महिला आरक्षण कांग्रेस की विचारधारा का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में एक-तिहाई आरक्षण की व्यवस्था कांग्रेस सरकार के दौरान लागू हुई थी। उन्होंने राजीव गांधी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि 73वें और 74वें संविधान संशोधन (1993) के जरिए आज लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधि बनी हैं। साथ ही उन्होंने सरोजिनी नायडू को याद करते हुए कहा कि जब महिलाओं को वोट देने का अधिकार भी नहीं था, तब वह कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया।

आगे की रणनीति पर जोर - खड़गे ने कहा कि CWC की बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित संशोधनों पर सभी नेताओं की राय लेकर एक ठोस रणनीति तैयार करना है। उन्होंने संकेत दिया कि बैठक के बाद विपक्षी दलों के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।

पश्चिम एशिया संकट पर भी चर्चा- बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संकट पर भी चिंता जताई गई। खड़गे ने कहा कि इस वैश्विक स्थिति का असर करोड़ों लोगों पर पड़ रहा है, जिस पर गंभीर चर्चा जरूरी है। अंत में उन्होंने पार्टी नेताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए “जय हिंद, जय कांग्रेस” के नारे के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

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